45 किलो गांजा तस्करी केस में तीन दोषी करार
करनाल में 45 किलो गांजा तस्करी मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 1.50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
45 किलो गांजा तस्करी मामले में करनाल कोर्ट का बड़ा फैसला
तीनों दोषियों को 10-10 साल कैद और 1.50 लाख जुर्माने की सजा
8 साल पुराने केस में अदालत ने 14 गवाहों और सबूतों के आधार पर सुनाया फैसला
हरियाणा के करनाल में करीब 8 साल पुराने 45 किलो गांजा तस्करी मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितु की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 1.50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत ने साफ कहा कि यदि आरोपी जुर्माना जमा नहीं करते हैं तो उन्हें अतिरिक्त छह महीने की सजा भुगतनी होगी। फैसले के बाद पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इसे नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है।
अतिरिक्त जिला न्यायवादी ऋषि शर्मा के अनुसार, यह मामला 7 मई 2018 का है। उस समय CIA-2 की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर उचाना गांव के पास मयूर ढाबा के सामने एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस को देखकर कार सवार भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।
जांच के दौरान कार चालक की पहचान दिल्ली के नरेला निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई। उसके साथ पानीपत के डोडपुर निवासी अमित कुमार और सोनीपत के भटगांव निवासी सोमदत्त भी मौजूद थे। तलाशी लेने पर कार से करीब 45 किलो गांजा बरामद हुआ।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे गांजा सप्लाई का काम करते थे। आरोपियों ने बताया कि यह खेप मंगल कॉलोनी निवासी बाबी के कहने पर शाहबाद निवासी अमर सिंह तक पहुंचाई जा रही थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 14 गवाहों की गवाही दर्ज की गई। अभियोजन पक्ष ने बरामदगी, जांच और अन्य साक्ष्यों को अदालत के सामने पेश किया। इन्हीं सबूतों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
हरियाणा में लगातार बढ़ रहे नशे के कारोबार के बीच इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
pooja