समालखा आएंगे मोहन भागवत और नितिन नवीन, 13–15 मार्च को RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक
समालखा में 13–15 मार्च को RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) बैठक होगी। 1,489 शीर्ष नेता शामिल होंगे। शताब्दी वर्ष और हिंदू एकता एजेंडे पर रणनीति तय की जाएगी।
■ 13–15 मार्च को समालखा में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक
■ करीब 1,489 शीर्ष पदाधिकारी होंगे शामिल
■ शताब्दी वर्ष, हिंदू एकता और वार्षिक रणनीति पर मंथन
हरियाणा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सबसे बड़ी निर्णयकारी बैठक होने जा रही है। 13 से 15 मार्च के बीच समालखा में संघ की सर्वोच्च इकाई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) की वार्षिक बैठक आयोजित होगी। यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष समारोह का भी हिस्सा है।
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा सहित उसके 32 सहयोगी संगठनों के कुल 1,489 शीर्ष पदाधिकारी भाग लेंगे। कार्यक्रम का आयोजन समालखा के पट्टी कल्याण स्थित ग्राम विकास एवं सेवा साधना केंद्र में किया जाएगा।
संघ के अखिल भारतीय मीडिया प्रमुख सुनील अंबेकर ने बताया कि प्रतिनिधि सभा संघ की सर्वोच्च विचार-विमर्श और निर्णय लेने वाली संस्था है। इसी मंच पर संगठन की वार्षिक गतिविधियों की समीक्षा और आगामी वर्ष की रूपरेखा तय की जाती है।
मोहन भागवत और नितिन नवीन की मौजूदगी
बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल होंगे। भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद नवीन की यह पहली बड़ी संघ बैठक मानी जा रही है, जिससे इस आयोजन का राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। हालांकि उनके कार्यक्रम की सटीक तिथि सार्वजनिक नहीं की गई है।
संघ महासचिव दत्तात्रेय होसबले भी बैठक में मौजूद रहेंगे।
शताब्दी वर्ष और हिंदू एकता एजेंडा
बैठक में संघ के शताब्दी समारोह से जुड़े कार्यक्रमों—विजयदशमी उत्सव, गृहसंपर्क अभियान, हिंदू सम्मेलन, युवा सम्मेलन, प्रमुख नागरिक सभाएं और सामाजिक सद्भाव बैठकों—की समीक्षा की जाएगी। इन आयोजनों के अनुभव और परिणामों पर चर्चा होगी।
साथ ही 2025-26 के दौरान संघ की गतिविधियों की रणनीति तय की जाएगी और विभिन्न प्रांतों से आई रिपोर्टों पर विचार किया जाएगा। हिंदू एकता और सामाजिक समरसता को लेकर आगे की कार्ययोजना भी इसी मंच पर तय होने की संभावना है।
तैयारियां तेज
हरियाणा में इस बड़े आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सुरक्षा, आवास और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि समालखा की यह बैठक संघ और उससे जुड़े संगठनों की आगामी वर्ष की दिशा और प्राथमिकताएं निर्धारित करेगी।
Akhil Mahajan