मां ने PCS अफसर बेटी पर दर्ज कराया केस, 15 लाख की 'काली कमाई' खाते में डालने का आरोप
सहारनपुर में एक महिला ने अपनी PCS अधिकारी बेटी समेत पांच लोगों पर जमीन विवाद, बैंक खाते और धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
➤ PCS अफसर बेटी समेत 5 लोगों पर धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज
➤ मां का आरोप- बिना अनुमति बैंक खाता खुलवाकर 15 लाख रुपए जमा कराए
➤ पुलिस ने FIR दर्ज कर शुरू की जांच, आरोपों की सत्यता की पड़ताल जारी
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपनी ही PCS अधिकारी बेटी समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी बेटी ने कथित तौर पर अपनी अवैध कमाई छिपाने के लिए उनके नाम से बैंक खाता खुलवाया और उसमें 15 लाख रुपये जमा कराए।
मामला सरसावा थाना क्षेत्र के मीरपुर-सीतापुर गांव का है। शिकायतकर्ता मुनेश रानी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी सीमा चौधरी, जो वर्तमान में हापुड़ में जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के पद पर तैनात हैं, ने अन्य चार लोगों के साथ मिलकर उनकी पैतृक जमीन पर कब्जा करने की साजिश रची।
शिकायत के अनुसार, सीमा चौधरी ने बिना अनुमति गाजियाबाद स्थित ICICI बैंक में उनके नाम से खाता खुलवाया और उसमें अपनी ईमेल आईडी दर्ज कराई। आरोप है कि इसी खाते में 15 लाख रुपये जमा किए गए। मुनेश रानी का कहना है कि वह स्वयं इस खाते का संचालन नहीं करती थीं और न ही उसमें कोई लेनदेन करती थीं।
मुनेश रानी ने यह भी आरोप लगाया कि 16 सितंबर 2023 को उनकी पैतृक जमीन से जुड़े कथित फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उन पर उनके जाली हस्ताक्षर किए गए। उनका दावा है कि हस्ताक्षरों की जांच हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से कराने पर कथित फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि विरोध करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी गईं। डर के कारण उन्होंने अपनी संपत्ति बेच दी, लेकिन इसके बाद भी उन्हें कथित रूप से जान से मारने की धमकियां मिलती रहीं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर सीमा चौधरी, संजीव कुमार चौधरी, राजेंद्र राणा, गंभीर और नरेश कुमार के खिलाफ IPC की धाराओं 420, 467, 468, 471 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी ओर, शिकायत में नामजद संजीव कुमार चौधरी ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि विवाद 10 बीघा जमीन को लेकर है। उन्होंने दावा किया कि मुनेश रानी को उन्होंने और उनके ससुर ने आर्थिक सहायता के रूप में 15 लाख रुपये दिए थे। उनके अनुसार, जमीन बेचने के विरोध के कारण उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद उसे जांच के लिए भेजा गया था। प्रारंभिक जांच के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Akhil Mahajan