सोनीपत में फर्जी कॉल सेंटर पर CM फ्लाइंग की बड़ी रेड, 20 युवक-युवतियां काबू; विदेशियों को वायरस का डर दिखाकर करते थे ठगी

सोनीपत के कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया में सीएम फ्लाइंग और सीआईए की संयुक्त टीम ने फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 20 युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया। गिरोह खुद को माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारी बताकर अमेरिकी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी कर रहा था।

सोनीपत में फर्जी कॉल सेंटर पर CM फ्लाइंग की बड़ी रेड, 20 युवक-युवतियां काबू; विदेशियों को वायरस का डर दिखाकर करते थे ठगी

कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया में अवैध कॉल सेंटर पर देर रात छापा
खुद को माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारी बताकर अमेरिकी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी
भारी मात्रा में लैपटॉप, मोबाइल और डिजिटल उपकरण बरामद

सोनीपत जिले के कुंडली इंडस्ट्रियल एरिया में देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब सीएम फ्लाइंग और सीआईए स्टाफ की संयुक्त टीम ने फैक्टरी नंबर-394 में चल रहे एक अवैध कॉल सेंटर पर छापा मार दिया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में मौके से 16 युवक और 4 युवतियां लैपटॉप पर काम करते हुए पकड़े गए। सभी हेडफोन लगाए अंग्रेजी में विदेशी नागरिकों से बातचीत कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह खुद को माइक्रोसॉफ्ट का कर्मचारी बताकर अमेरिका के नागरिकों से तकनीकी सहायता के नाम पर ऑनलाइन ठगी कर रहा था।

सोनीपत में कॉल सेंटर पर छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद 16 युवक और 4 युवतियां।

सबसे अहम खुलासा यह रहा कि आरोपी विदेशी नागरिकों को उनके कंप्यूटर सिस्टम में वायरस या तकनीकी खराबी होने का डर दिखाते थे। इसके बाद वे रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल करवाकर डिवाइस का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते थे और फर्जी स्कैनिंग दिखाकर ईमेल आईडी, बैंक खाता विवरण जैसी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। यह पूरी डिटेल मुख्य संचालक को भेजी जाती थी, जो आगे वित्तीय लेन-देन के जरिए ठगी को अंजाम देता था।

मामले की जानकारी सीएम फ्लाइंग में तैनात उपनिरीक्षक सतपाल सिंह को गुप्त सूत्रों से मिली थी। सूचना को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने के बाद संयुक्त टीम गठित की गई। टीम में एएसआई राजेश, ईएसआई महावीर, सीटी रितु, सीआईए स्टाफ के एसआई यशबीर, ईएएसआई नरेश, ईएएसआई नवीन, सिपाही जतिन और साइबर सेल के अधिकारी शामिल थे। योजनाबद्ध तरीके से देर रात फैक्टरी नंबर-394 पर दबिश दी गई।

पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर के सुपरवाइजर अक्षय अरोड़ा और राहुल मुंजाल हैं, जबकि मुख्य संचालक आशीष गाबा निवासी जनकपुरी, दिल्ली बताया गया है, जो फिलहाल फरार है। गिरोह टोल फ्री नंबर 1889568881 के माध्यम से MICRO SIP एप पर कॉल प्राप्त करता था।

तलाशी के दौरान मौके से तीन लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और तीन हेडफोन तत्काल कब्जे में लिए गए। इसके अलावा 23 अन्य लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 21 लैपटॉप चार्जर, 16 हेडफोन और एक वाई-फाई राउटर बरामद किया गया। साइबर टीम की सहायता से सभी उपकरणों के सीरियल नंबर दर्ज कर उन्हें सील किया गया। मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई और बरामदगी की फर्द तैयार कर गवाहों के हस्ताक्षर करवाए गए।

जब आरोपियों से दूरसंचार विभाग (DOT) का लाइसेंस, कंपनी रजिस्ट्रेशन, पेमेंट मोड और डेटा सोर्स से जुड़े दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इससे स्पष्ट हो गया कि कॉल सेंटर पूरी तरह अवैध रूप से संचालित हो रहा था।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट 2000 की धारा 43, 66, 66D व 75 के तहत थाना कुंडली में 20 फरवरी 2026 को केस दर्ज किया गया है। पुलिस मुख्य संचालक की तलाश में दबिश दे रही है। प्रारंभिक जांच में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का नेटवर्क सामने आया है और बैंकिंग ट्रेल व डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच जारी है।