दिल्ली-हरियाणा के यात्रियों को बड़ी राहत, 6 लेन बनेगी नजफगढ़ फिरनी रोड; घंटों का जाम होगा खत्म

दिल्ली PWD नजफगढ़ फिरनी रोड को 6 लेन में विकसित करने जा रहा है। अतिक्रमण हटाकर सड़क चौड़ी की जाएगी, जिससे बहादुरगढ़, झज्जर और पश्चिमी दिल्ली के लाखों यात्रियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।

दिल्ली-हरियाणा के यात्रियों को बड़ी राहत, 6 लेन बनेगी नजफगढ़ फिरनी रोड; घंटों का जाम होगा खत्म

PWD ने नजफगढ़ फिरनी रोड को 6 लेन बनाने का मास्टर प्लान तैयार किया

अतिक्रमण हटाकर सड़क की मूल चौड़ाई बहाल की जाएगी

दिल्ली-बहादुरगढ़-झज्जर रूट पर सफर होगा तेज और आसान


दिल्ली और हरियाणा के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली लोक निर्माण विभाग (PWD) ने लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रही नजफगढ़ फिरनी रोड को 6 लेन में विकसित करने की योजना तैयार की है। इस परियोजना के तहत सड़क का चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने, बिजली के खंभों की शिफ्टिंग और व्यवस्थित पार्किंग जैसी सुविधाओं पर काम किया जाएगा। इससे पश्चिमी दिल्ली और हरियाणा के बीच यातायात पहले से कहीं अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

फिलहाल यह सड़क कई स्थानों पर बेहद संकरी हो चुकी है। कागजों में इसकी चौड़ाई करीब 30 मीटर (लगभग 100 फीट) दर्ज है, लेकिन वर्षों से हुए अवैध अतिक्रमण, दुकानों के विस्तार और सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग के कारण कई हिस्सों में इसकी चौड़ाई घटकर केवल 20 से 25 फीट रह गई है। यही वजह है कि पीक आवर्स में यहां घंटों लंबा जाम लगता है।

6 प्रमुख मार्गों को जोड़ती है यह सड़क

नजफगढ़ फिरनी रोड राजधानी के सबसे व्यस्त ट्रैफिक कॉरिडोर में शामिल है। यह नजफगढ़ रोड, छावला-बिजवासन रोड, ढांसा रोड, बहादुरगढ़ रोड, नांगलोई रोड और कापसहेड़ा रोड को आपस में जोड़ती है। इसी कारण रोजाना हजारों निजी वाहन, बसें और मालवाहक वाहन इस मार्ग का उपयोग करते हैं।

PWD के मास्टर प्लान में क्या होगा?

परियोजना के तहत सड़क के दोनों ओर बने अवैध कब्जों को हटाया जाएगा ताकि सड़क अपनी मूल चौड़ाई में लाई जा सके। साथ ही यातायात में बाधा बन रहे बिजली के खंभों और अन्य यूटिलिटी लाइनों को भी स्थानांतरित किया जाएगा।

इसके अलावा सड़क किनारे डेडिकेटेड पार्किंग स्पेस विकसित किए जाएंगे, जिससे बेतरतीब पार्किंग के कारण लगने वाले जाम पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।

एलिवेटेड रोड की जगह चुना गया चौड़ीकरण का विकल्प

पहले इस मार्ग पर करीब ₹750 करोड़ की लागत से एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव था। हालांकि बड़ी संख्या में मकानों और दुकानों के प्रभावित होने की आशंका तथा तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए इस योजना में बदलाव किया गया। अब सड़क चौड़ीकरण को अधिक व्यावहारिक और कम समय में पूरा होने वाला समाधान माना गया है।

किन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

इस परियोजना से बहादुरगढ़, झज्जर, गुरुग्राम, द्वारका, उत्तम नगर और नजफगढ़ के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। अनुमान है कि ट्रैफिक जाम कम होने से यात्रा का समय काफी घट जाएगा। वहीं आसपास की 50 से अधिक कॉलोनियों के लोगों को भी रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। स्थानीय बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही आसान होने से व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आगे क्या होगा?

परियोजना शुरू होने से पहले विभाग विस्तृत सर्वे करेगा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की जाएगी। इसके बाद सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। समय पर काम पूरा होने पर यह परियोजना दिल्ली-एनसीआर की शहरी परिवहन व्यवस्था को नई गति दे सकती है।