विकसित भारत जी राम जी योजना पर विपक्ष के आरोपों का CM ने दिया जवाब
मुख्यमंत्री ने विकसित भारत जी राम जी योजना पर विपक्ष के दुष्प्रचार को तथ्यों से खारिज किया। मनरेगा की खामियां गिनाईं और नए कानून से श्रमिकों को मिलने वाले लाभ बताए।
- विकसित भारत जी राम जी योजना पर विपक्ष के दुष्प्रचार को मुख्यमंत्री ने तथ्यों से किया बेनकाब
- मनरेगा की खामियों को सुधारकर श्रमिकों को न्याय दिलाने का दावा
- नए कानून से रोजगार, मजदूरी और पारदर्शिता को मिला मजबूत आधार
चंडीगढ़। विकसित भारत जी राम जी योजना को लेकर विपक्षी पार्टियों द्वारा किए जा रहे दुष्प्रचार पर मुख्यमंत्री नायब सैणी ने पत्रकार वार्ता में तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विषय देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश परिवारों से जुड़ा हुआ है और इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित के नजरिए से देखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों के कल्याण और गांवों के विकास को नई दिशा देने के लिए विकसित भारत जी राम जी योजना की शुरुआत की है। यह योजना समय के साथ अप्रासंगिक हो चुकी मनरेगा योजना का स्थान लेती है। किसी भी नीति में समय के अनुसार सुधार करना नीति निर्माण की स्वाभाविक प्रक्रिया है और मनरेगा भी इससे अलग नहीं थी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत कई गंभीर समस्याएं सामने आईं। एक खामियों से भरे ढांचे को बिना सुधार के ढोते रहना न तो श्रमिकों के हित में था और न ही राष्ट्र के। वर्ष 2013 की कैग रिपोर्ट से स्पष्ट है कि यूपीए शासन के दौरान योजना में फर्जी लाभार्थियों की भरमार थी और धन की हेराफेरी के उद्देश्य से लाभार्थी सूचियों में गड़बड़ी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीए शासन में मनरेगा का उद्देश्य केवल गड्ढे खोदना और उन्हें भरना बनकर रह गया था। पंजाब में 13,304 ग्राम पंचायतों में से 5,915 पंचायतों के सोशल ऑडिट में लगभग 10,663 वित्तीय गबन के मामले सामने आए, लेकिन किसी दोषी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत अस्वीकृत परियोजनाएं भी निधि से चलाई जाती रहीं, जिन पर न तो कोई निगरानी तंत्र था और न ही रिकॉर्ड। इस लापरवाही के कारण मेहनती और योग्य मजदूरों की वास्तविक मजदूरी छीनी गई। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट आम आदमी पार्टी सरकार इन सुधारों का विरोध कर रही है और उनके खिलाफ प्रस्ताव पारित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को न्याय और उचित मुआवजा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत जी राम जी कानून लेकर आए। नए प्रावधानों के तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, जिससे मजदूरी और रोजगार सुरक्षा को बड़ा सहारा मिला है।
उन्होंने बताया कि इससे पूरे देश में ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन 7 हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। हरियाणा में हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपये से अधिक का लाभ मिलेगा। हरियाणा में 400 रुपये प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी दी जाती है, जबकि पंजाब में यह 339 रुपये और हिमाचल में 236 रुपये प्रतिदिन है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना के तहत इस वर्ष हरियाणा में 52 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के श्रमिकों और 65 प्रतिशत से अधिक महिला श्रमिकों को रोजगार मिला है। ग्राम पंचायत योजनाओं को पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान से जोड़ा गया ताकि गांवों में होने वाला हर कार्य राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के अनुरूप हो।
केंद्र सरकार ने इस वर्ष योजना के लिए 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 88 हजार करोड़ रुपये थी। अक्टूबर 2014 से अक्टूबर 2025 तक हरियाणा में 5,243 करोड़ रुपये का भुगतान श्रमिकों को किया गया, जबकि कांग्रेस के 10 वर्षों के शासनकाल में केवल 1,854 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत जी राम जी योजना में भ्रष्टाचार रोकने के लिए मजबूत प्रावधान किए गए हैं। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, डिजिटल उपस्थिति, सीधा डिजिटल भुगतान, जियो टैगिंग और सैटेलाइट इमेजरी जैसे उपाय लागू किए गए हैं। इस कानून का उद्देश्य उन वास्तविक श्रमिक लाभार्थियों का समर्थन करना है, जिन्हें पिछली सरकारों ने धोखा दिया। यह योजना किसी की तिजोरी भरने के लिए नहीं, बल्कि सच्चे विकसित भारत के निर्माण के लिए है।
Akhil Mahajan