हरियाणा BJP में अब किसकी जाएगी कुर्सी? अब इन 6 जिलाध्यक्षों को लेकर बढ़ी हलचल
हरियाणा BJP में जिला संगठन में फेरबदल की चर्चा तेज है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कम से कम 6 जिलाध्यक्ष बदले जा सकते हैं, कई जिलों में विवाद सामने आए।
➤ हरियाणा BJP में कम से कम 6 जिलाध्यक्षों के बदलाव की चर्चा तेज
➤ हिसार, रोहतक, गोहाना, भिवानी, फतेहाबाद और जींद में संगठन की कलह सामने आई
➤ प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता बोलीं- किसी स्पेसिफिक नाम पर विमर्श नहीं, संगठन में मंथन जारी
हरियाणा भाजपा में प्रदेश संगठन में बदलाव के बाद अब जिला स्तर पर संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के कम से कम 6 जिलाध्यक्षों की छुट्टी हो सकती है। पिछले कुछ समय से कई जिलों में भाजपा संगठन के भीतर चल रही कलह और विवाद की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में पार्टी अब उन जिलों में बदलाव पर विचार कर सकती है, जहां फील्ड में सक्रियता कम रहने, कार्यकर्ताओं से संवाद में कमी या गुटबाजी को नियंत्रित नहीं कर पाने जैसी शिकायतें सामने आई हैं।
दो दिन पहले ही भाजपा ने हरियाणा में 27 जिला प्रभारी नियुक्त किए हैं। इसके बाद जिलों की संगठनात्मक टीम में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर जिन जिलों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं, उनमें हिसार, रोहतक, गोहाना, भिवानी, फतेहाबाद और जींद प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा एक जिलाध्यक्ष भी पार्टी की एक नेत्री के साथ कनेक्शन की फोटो-वीडियो वायरल होने के कारण पार्टी के राडार पर बताए जा रहे हैं।
दैनिक भास्कर से बातचीत में हरियाणा BJP प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि किसी स्पेसिफिक नाम पर विमर्श नहीं चल रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि संगठन में हमेशा कुछ न कुछ चलता रहता है। उनके इस बयान के बाद जिलाध्यक्षों में संभावित बदलाव की चर्चाओं को और बल मिला है।
कई जिलों में संगठन की कलह और विवाद खुलकर सामने आए
गोहाना में पार्टी से जुड़े लोगों ने प्रदेश अध्यक्ष को शिकायत भेजी थी। शिकायत में जिलाध्यक्ष बिजेंद्र मलिक पर पार्टी के “जजपा व कांग्रेसीकरण” का आरोप लगाया गया। इसी तरह जींद और भिवानी के जिलाध्यक्षों की कार्यशैली को लेकर भी असंतोष जताया गया।
फतेहाबाद में जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा और पूर्व विधायक दूड़ाराम समर्थक पदाधिकारियों के बीच कई बार विवाद सार्वजनिक हो चुका है। वहीं जींद में प्रदेश नेतृत्व के सामने जिलाध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर स्थानीय नेताओं की नाराजगी की शिकायत पहुंची।
हिसार में जिलाध्यक्ष आशा खेदड़ की कार्यशैली से असंतोष जताते हुए 11 मंडल अध्यक्षों ने सामूहिक इस्तीफा दिया था। हालांकि बाद में पार्टी की ओर से कहा गया कि सबकुछ सही है। जब डॉ. अर्चना गुप्ता खुद हिसार आईं तो उन्होंने आशा खेदड़ के पक्ष में स्टैंड लिया था।
महेंद्रगढ़-नारनौल संगठन में भी विवाद सामने आया। यहां भाजपा किसान मोर्चा के जिला महामंत्री विष्णु तंवर ने जिलाध्यक्ष यतेंद्र राव से विवाद के चलते पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी तकरार भी हुई।
रेवाड़ी में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह और कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के अपने-अपने गुट होने की बात सामने आती रही है। ऐसे में यहां भी संगठन के भीतर गुटबाजी का मुद्दा चर्चा में है।
रोहतक में जिलाध्यक्ष रणबीर ढाका के खिलाफ 16 पन्नों की शिकायत हाईकमान तक पहुंची। 27 जून को भाजपा जिला कार्यालय में जिला महामंत्री अभिनंदन भारद्वाज और जिला सचिव अंकुश बिड्डू के बीच तीखी बहस का वीडियो वायरल हुआ था। एक अन्य वीडियो में वह डॉ. अर्चना गुप्ता की मौजूदगी में ही पार्षद को धक्का मारते नजर आए। यह प्रदर्शन कांग्रेस के खिलाफ था।
कुरुक्षेत्र में पहले ही बदला जा चुका है जिलाध्यक्ष
जिलाध्यक्षों में बदलाव की चर्चाओं के बीच कुरुक्षेत्र का मामला भी महत्वपूर्ण है। भाजपा ने यहां विवादों के बीच जून में जिलाध्यक्ष बदला था। तेजिंद्र सिंह गोल्डी को हटाकर रमेश सैनी को जिलाध्यक्ष बनाया गया था।
पूर्व जिलाध्यक्ष गोल्डी का होमगार्ड की नौकरी को लेकर कथित सौदेबाजी का ऑडियो वायरल हुआ था। इसके बाद पार्टी ने यह कार्रवाई की। कुरुक्षेत्र में जिलाध्यक्ष बदले जाने के बाद ही दूसरे जिलाध्यक्षों के खिलाफ भी कार्रवाई की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
हरियाणा में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के चुनाव और प्रदेश टीम के चयन के बाद से ही संगठन में बदलाव को लेकर अटकलें चल रही हैं। भाजपा ने पिछले साल 27 जिलाध्यक्षों की सूची जारी की थी। इनमें 20 नए चेहरे थे, जबकि 7 पुराने कार्यकर्ताओं को मौका दिया गया था। इनमें से 5 जिलाध्यक्ष किसी न किसी राजनीतिक विवाद में फंसे हुए हैं।
तीन प्रदेशाध्यक्षों के कार्यकाल में कैसे बदली जिलों की टीम
भाजपा के प्रदेश संगठन में पहले भी प्रदेशाध्यक्ष बदलने के बाद जिलाध्यक्षों की टीम में फेरबदल होता रहा है। ओमप्रकाश धनखड़ ने 2020 में प्रदेशाध्यक्ष बनने के एक महीने के अंदर सभी 22 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए थे। नाम घोषित करने से पहले धनखड़ ने सभी जिलों का दौरा किया था और मंडल स्तर पर नए जिलाध्यक्षों के नाम को लेकर फीडबैक हासिल किया था।
धनखड़ ने सुभाष बराला के कार्यकाल में बने अधिकतर जिलाध्यक्षों को बदल दिया था। हालांकि, उनके कार्यकाल में सरकार और संगठन के बीच खींचतान भी देखने को मिली थी। इसके बाद धनखड़ का कार्यकाल खत्म होते ही उनकी लगाई आधी टीम को बदल दिया गया था।
नायब सैनी के समय भी बदले गए थे कई जिलाध्यक्ष
नायब सैनी ने 2024 में हरियाणा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद ओमप्रकाश धनखड़ के समय लगाए गए आधे जिलाध्यक्षों को बदल दिया था। उस समय पानीपत में डॉ. अर्चना गुप्ता की जगह दुष्यंत भट्ट, सोनीपत में तीर्थ सिंह राणा की जगह जसबीर दोदवा और फरीदाबाद में गोपाल शर्मा की जगह राजकुमार वोहरा को जिलाध्यक्ष बनाया गया था।
इसी क्रम में भिवानी में शंकर धुप्पड़ की जगह मुकेश गौड़, हिसार में कैप्टन भूपेंद्र सिंह की जगह आशा खेदड़, झज्जर में विक्रम कादियान की जगह राजपाल जांगड़ा, सिरसा में आदित्य देवीलाल चौटाला की जगह निताशा सिहाग, गुरुग्राम में गार्गी कक्कड़ की जगह कमल यादव और चरखी दादरी में सतेंद्र परमार की जगह डॉ. किरण कलकल को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
मोहन लाल बड़ौली के कार्यकाल में नहीं बदले जिलाध्यक्ष
मोहन लाल बड़ौली जुलाई 2024 से मई 2026 तक हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल के दौरान किसी भी जिलाध्यक्ष को बदला नहीं गया था।
जुलाई 2024 में जब मोहन लाल बड़ौली को नायब सिंह सैनी की जगह भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, तो उसके कुछ समय बाद ही हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने थे। चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए तत्कालीन जिलाध्यक्षों की टीम के साथ ही पूरी चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाया गया था।
अब प्रदेश संगठन में बदलाव के बाद जिला स्तर पर भी फेरबदल की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। पार्टी सूत्रों की ओर से कम से कम 6 जिलाध्यक्षों को लेकर बदलाव की संभावना जताई जा रही है, जबकि प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने किसी स्पेसिफिक नाम पर चर्चा से इनकार किया है। ऐसे में आने वाले संगठनात्मक फैसलों पर भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की नजर बनी हुई है।
Akhil Mahajan