कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा के लिए आज ऐतिहासिक दिन : भिवानी के 5 बॉक्सर आज गोल्ड के लिए लड़ेंगे, सभी ने पक्का किया कम से कम रजत पदक
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा के भिवानी के पांच बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया, प्रिया घनघस, प्रीति पंवार, साक्षी चौधरी और सचिन सिवाच फाइनल में पहुंच गए हैं। सभी आज गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला खेलेंगे।
➤ भिवानी के पांच मुक्केबाज कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के फाइनल में पहुंचे
➤ जैस्मिन, प्रिया, प्रीति, साक्षी और सचिन के पास गोल्ड जीतने का मौका
➤ सेमीफाइनल जीतकर सभी खिलाड़ियों ने कम से कम रजत पदक किया पक्का
भिवानी। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा के भिवानी ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित खेलों में भिवानी के पांच बॉक्सर अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंच गए हैं। अब जैस्मिन लंबोरिया, प्रिया घनघस, प्रीति पंवार, साक्षी चौधरी और सचिन सिवाच शनिवार को स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगे।
पांचों मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मुकाबले जीतकर कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है। अब पूरे देश की निगाहें उनके गोल्ड मेडल मुकाबलों पर टिकी हैं।
सचिन सिवाच ने 5-0 से दर्ज की दमदार जीत
60 किलोग्राम भारवर्ग में खेल रहे सचिन सिवाच ने सेमीफाइनल में ओविन हैरिश को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। सचिन पहले भी विश्व कप 2025 में स्वर्ण, एशियन चैंपियनशिप 2025 में रजत और विश्व कप 2025 में कांस्य पदक जीत चुके हैं।
प्रिया घनघस ने इंग्लैंड की खिलाड़ी को किया बाहर
प्रिया घनघस ने 60 किलोग्राम वर्ग में इंग्लैंड की लक्की किंग्स को 5-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वर्ष 2016 में बॉक्सिंग शुरू करने वाली प्रिया अब कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने से सिर्फ एक कदम दूर हैं।
साक्षी चौधरी ने कनाडा की बॉक्सर को हराया
51 किलोग्राम भारवर्ग में साक्षी चौधरी ने कनाडा की अंबर को 5-0 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। किसान परिवार से आने वाली साक्षी वर्तमान में एमबीए की पढ़ाई भी कर रही हैं।
जैस्मिन लंबोरिया ने दूसरे राउंड में ही मुकाबला खत्म किया
57 किलोग्राम भारवर्ग में जैस्मिन लंबोरिया ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में प्रतिद्वंद्वी को दूसरे राउंड में RSC के जरिए हराकर फाइनल में प्रवेश किया। जैस्मिन पहले भी विश्व चैंपियनशिप 2025, विश्व बॉक्सिंग कप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कई पदक जीत चुकी हैं।
प्रीति पंवार भी गोल्ड से एक कदम दूर
54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पंवार ने कैथेरिने मवापे को हराकर फाइनल में जगह बनाई। प्रीति के नाम पहले से विश्व कप 2025 स्वर्ण, एशियाई खेल 2022 कांस्य और एशियाई अंडर-22 चैंपियनशिप स्वर्ण जैसे बड़े खिताब दर्ज हैं।
हरियाणा की 'बॉक्सिंग नर्सरी' फिर चर्चा में
भिवानी को लंबे समय से भारत की बॉक्सिंग नर्सरी कहा जाता है। एक साथ पांच मुक्केबाजों का कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में पहुंचना इस पहचान को और मजबूत करता है। अब देशवासियों को इन खिलाड़ियों से स्वर्ण पदकों की उम्मीद है।
Akhil Mahajan