बिश्नोई परिवार की हार पर रोए संत : कथा में कुलदीप को बताया महापुरुष, कहा- धिक्कार है वोट नहीं देने वालों को

आदमपुर के सदलपुर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान महामंडलेश्वर बजरंग दास भावुक हो गए। उन्होंने कुलदीप बिश्नोई को महापुरुष बताया और वोट न देने वालों पर तीखी टिप्पणी की।

बिश्नोई परिवार की हार पर रोए संत : कथा में कुलदीप को बताया महापुरुष,  कहा- धिक्कार है वोट नहीं देने वालों को
  • बिश्नोई परिवार की हार पर कथा में भावुक हुए महामंडलेश्वर बजरंग दास
  • कुलदीप बिश्नोई को बताया युग पुरुष और महापुरुष
  • वोट नहीं देने वालों को कहा धिक्कार योग्य, समाज को दी चेतावनी


हरियाणा में बीजेपी के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई को लेकर आदमपुर क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बड़ा भावनात्मक और सियासी संदेश सामने आया। गांव सदलपुर में कथा के दौरान महामंडलेश्वर आचार्य बजरंग दास जी महाराज बिश्नोई परिवार की हार का जिक्र करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कुलदीप बिश्नोई को युग पुरुष और महापुरुष बताया और वोट नहीं देने वालों पर तीखी टिप्पणी की।

गांव सदलपुर में कथा के दौरान कुलदीप बिश्नोई आचार्य का आशीर्वाद लेते हुए।

कथा के मंच पर पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई और नलवा से विधायक रणधीर पनिहार मौजूद रहे। कथा के दौरान आचार्य बजरंग दास ने कहा कि जिस समाज को भगवान ने घर में ही ऐसा महापुरुष दिया है, अगर वही समाज उसे नहीं पहचान पा रहा तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कुलदीप बिश्नोई समाज का कुल रत्न हैं और ऐसे रत्न को खोने का पछतावा एक दिन जरूर होगा।

महामंडलेश्वर ने कहा कि उन्हें किसी राजनीतिक दल से लगाव नहीं है, बल्कि उनका भावनात्मक जुड़ाव भजनलाल परिवार से है। उन्होंने कहा कि इस परिवार ने समाज को पहचान दी है और बदले में समाज ने ही इन्हें नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि जिन्होंने इस परिवार को नहीं पहचाना, उन पर धिक्कार है।

गांव सदलपुर में कथा के दौरान रणधीर पनिहार को पगड़ी पहनाते आचार्य बजरंग दास।

आचार्य बजरंग दास ने कथा के दौरान भविष्यवाणी करते हुए कहा कि कुलदीप बिश्नोई को आने वाले समय में बड़ा पद और प्रतिष्ठा जरूर मिलेगी। उन्होंने समाज से अपील की कि ऐसे दीपक को घी रूपी सहयोग देकर प्रकाशमान रखा जाए, वरना कोई और उसे उठा ले जाएगा। उन्होंने सदलपुर गांव के लोगों से विशेष रूप से उलाहना भी दिया।

महामंडलेश्वर ने भव्य बिश्नोई का नाम लिए बिना कहा कि एक नन्हे बालक ने किसी का क्या बिगाड़ा था। उन्होंने कहा कि भजनलाल परिवार ने समाज का हमेशा हित ही किया है और यदि कोई भूल हो गई है तो उसे समय रहते सुधार लेना चाहिए।

दरअसल, जिस गांव सदलपुर में कथा चल रही थी, वही गांव भव्य बिश्नोई की हार का बड़ा कारण बना। बिश्नोई बहुल इस गांव में उपचुनाव के दौरान भव्य बिश्नोई की बढ़त पहले के मुकाबले काफी कम हो गई थी। 57 साल बाद आदमपुर से हार के बाद कुलदीप बिश्नोई भी सार्वजनिक रूप से भावुक हो गए थे।

कथा के दौरान आचार्य बजरंग दास ने कुलदीप बिश्नोई को फूलों का हार पहनाया और विधायक रणधीर पनिहार को समाज की पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इससे पहले राजस्थान में रणधीर पनिहार को पगड़ी पहनाने को लेकर विवाद भी सामने आ चुका है, जिस पर यह सम्मान जवाब के रूप में देखा जा रहा है।