हरियाणा, हांसी... और पहली फिल्म, साइकिल, दो जोड़ी कपड़े और भारत के मुख्य न्यायाधीश तक का सफर, सीजेआई की जुबानी संघर्ष की कहानी
CJI जस्टिस सूर्यकांत ने हांसी बार एसोसिएशन में पहली फिल्म, साइकिल और दो जोड़ी कपड़ों से शुरू हुए अपने संघर्ष भरे सफर को याद किया।
➤ CJI सूर्यकांत ने हांसी में साझा की बचपन और संघर्ष की यादें
➤ पहली फिल्म, साइकिल, दो जोड़ी कपड़े और चंडीगढ़ तक का सफर
➤ हांसी जिला बनने पर जताई खुशी, बार एसोसिएशन में भावुक संबोधन
हांसी। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने शुक्रवार को हांसी बार एसोसिएशन के मंच से ऐसा किस्सा सुनाया, जिसने मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। CJI बनने के बाद हरियाणा दौरे पर आए जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि उनकी जिंदगी की पहली फिल्म हांसी में ही देखी थी, जब उनके पिताजी साइकिल पर बैठाकर सिनेमाघर लेकर गए थे।
उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि 1984 में पढ़ाई पूरी होते ही अगले दिन से कोर्ट जाना शुरू कर दिया। 21 अप्रैल 1984 से वह नियमित अदालत पहुंचने लगे और 29 जुलाई 1984 को वकालत का लाइसेंस मिला। उन्होंने कहा कि उस समय वह एक बिल्कुल अनजान लड़के की तरह हिसार से सिर्फ दो जोड़ी कपड़े लेकर चंडीगढ़ चले गए थे।
CJI ने कहा कि चंडीगढ़ में उन्हें बड़े वकीलों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद मिला। उसी संघर्ष और अनुशासन का परिणाम है कि आज भारत का ज्यूडिशरी सिस्टम दुनिया में नंबर वन माना जाता है, और कई देश भारत के साथ न्यायिक सहयोग के लिए एमओयू साइन कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने हांसी को जिला बनाए जाने पर विधायक विनोद भयाना को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह हांसी की दशकों पुरानी मांग थी। जब वे यहां जज थे, तब भी लोग कहते थे कि जिला नहीं बनता तो कम से कम सेशन जज की कोर्ट दे दी जाए।
CJI दो दिन हिसार और हांसी में प्रवास पर रहेंगे। वे हिसार में बार एसोसिएशन के नए चैंबर और मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन करेंगे और शाम को राज्य सरकार द्वारा आयोजित स्टेट डिनर में शामिल होंगे, जिसमें केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू सहित कई वरिष्ठ जज मौजूद रहेंगे।
Akhil Mahajan