सरकार से बातचीत पर अड़ी CJP, नड्डा के घर जाने से इनकार: कल देशव्यापी आंदोलन का ऐलान, जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही सीजेपी ने सरकार के बातचीत प्रस्ताव में जेपी नड्डा के आवास पर जाने से इनकार किया। 24 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया गया।
➤ सरकार की बातचीत का प्रस्ताव ठुकराया, न्यूट्रल जगह पर वार्ता की मांग
➤ 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण आंदोलन का ऐलान
➤ दिल्ली पुलिस हिंसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध-प्रदर्शन 23 जुलाई को भी जारी रहा। इस बीच आंदोलन को लेकर सरकार और पार्टी के बीच बातचीत की संभावनाएं बनीं, लेकिन सीजेपी ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर बैठक के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि बातचीत केवल जंतर-मंतर या किसी न्यूट्रल स्थान, जैसे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, में ही होगी। दूसरी ओर, 24 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन का ऐलान कर दिया गया है। वहीं मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने भी अपनी भूख हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दी है।
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि सरकार जंतर-मंतर आने में असहज है तो कोई बीच का स्थान तय किया जाए, लेकिन जेपी नड्डा के आवास पर बैठक नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बातचीत केवल औपचारिकता के लिए नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसका कोई ठोस परिणाम निकलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी सरकार से गंभीर और सार्थक चर्चा चाहती है।
वहीं सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहीं भी बातचीत करने की बात कही थी, इसलिए पार्टी ने जंतर-मंतर या कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार की ओर से सीधे संपर्क नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत कब, कहां और कितनी देर चलेगी, इस पर स्पष्टता होनी चाहिए।
पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास ने कहा कि केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी जवाबदेही चाहती है और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र के इस्तीफे की मांग पर कायम है। उनके अनुसार, इससे कम पर बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी।
इस बीच दिल्ली पुलिस भी प्रदर्शन को लेकर सतर्क हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन की आड़ में यदि किसी ने हिंसा या दंगा किया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हिंसा में शामिल पाए जाने वालों के पासपोर्ट रद्द कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
सीजेपी ने 24 जुलाई को देशव्यापी आंदोलन का आह्वान करते हुए लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती।
Akhil Mahajan