रिकॉर्ड हाई के बाद फिसला सोना-चांदी बाजार: दो दिन में भारी गिरावट

देश में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई है। 24 कैरेट सोना 1.56 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.53 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है।

रिकॉर्ड हाई के बाद फिसला सोना-चांदी बाजार: दो दिन में भारी गिरावट

➤ दो कारोबारी दिनों में सोना करीब ₹3,800 सस्ता हुआ
➤ चांदी में भारी गिरावट, दो दिन में ₹15,500 से ज्यादा कम हुए दाम
➤ मिडिल ईस्ट तनाव और निवेशकों की मुनाफावसूली से बाजार में गिरावट


देश में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई है। India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक 24 कैरेट 10 ग्राम सोना 1,963 रुपए गिरकर करीब 1.56 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले 13 मार्च को सोने की कीमत करीब 1.58 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी।

इसी तरह चांदी के दाम में भी बड़ी गिरावट आई है। एक किलो चांदी की कीमत 7,695 रुपए घटकर लगभग 2.53 लाख रुपए प्रति किलो रह गई है। शुक्रवार को चांदी का भाव करीब 2.60 लाख रुपए प्रति किलो था। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि दो दिनों में सोना लगभग 3,867 रुपए और चांदी करीब 15,508 रुपए तक सस्ती हो चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर


मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी टकराव का असर भी कमोडिटी बाजार पर दिखाई दे रहा है। निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ने से बाजार में मुनाफावसूली शुरू हो गई है, जिससे सोने-चांदी के दाम नीचे आए हैं। इसके साथ ही वैश्विक निवेशक फिलहाल नकदी को सुरक्षित विकल्प मानते हुए सोने से कुछ दूरी बना रहे हैं।

ऑल टाइम हाई से चांदी में बड़ी गिरावट


इस साल सोने-चांदी के दाम में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 29 जनवरी को सोना करीब 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद से अब तक सोना करीब 19 हजार रुपए से ज्यादा सस्ता हो चुका है। चांदी में तो गिरावट और भी ज्यादा देखने को मिली है। जनवरी में इसका भाव करीब 3.86 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया था। तब से अब तक चांदी लगभग 1.33 लाख रुपए तक सस्ती हो चुकी है।

अलग-अलग शहरों में अलग क्यों होते हैं सोने के दाम


देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतें थोड़ी अलग हो सकती हैं। इसके पीछे कई कारण होते हैं। सबसे पहला कारण ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा लागत है। सोना एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में भारी सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट खर्च लगता है। आयात केंद्र से दूरी बढ़ने पर कीमत भी बढ़ सकती है। दूसरा कारण स्थानीय मांग है। दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में सोने की खपत ज्यादा होने के कारण ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में खरीद करते हैं, जिससे कीमतों पर असर पड़ता है। तीसरा कारण स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन का रेट तय करना है। कई शहरों में ज्वेलर्स संगठन मांग-आपूर्ति के आधार पर स्थानीय भाव तय करते हैं। चौथा कारण ज्वेलर्स का पुराना स्टॉक भी होता है। जिनके पास पुराने और सस्ते रेट का स्टॉक होता है, वे कम कीमत पर भी सोना बेच सकते हैं।

जानकारोंं का कहना है कि शेयर बाजार में नुकसान की भरपाई के लिए कई निवेशक सोने-चांदी में मुनाफावसूली कर रहे हैं। इसी कारण कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। उनके अनुसार अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो सोना करीब 1.50 लाख रुपए और चांदी 2.50 लाख रुपए तक भी आ सकती है। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। सोना खरीदते समय हमेशा Bureau of Indian Standards (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदना चाहिए। इससे सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है। इसके अलावा सोना खरीदने से पहले उस दिन का रेट अलग-अलग स्रोतों से जरूर जांच लेना चाहिए। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं।

असली चांदी पहचानने के आसान तरीके


असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो उसमें मिलावट हो सकती है। इसके अलावा चांदी पर बर्फ रखने से वह जल्दी पिघलती है। असली चांदी में कोई खास गंध नहीं होती, जबकि नकली चांदी में धातु जैसी गंध आ सकती है सफेद कपड़े से रगड़ने पर अगर हल्का काला निशान आए तो चांदी असली मानी जाती है।