आसलवास दुबिया के स्कूल में स्कॉलरशिप टेस्ट, टॉपर्स को साइकिल और लैपटॉप भिवानी में हजारों बच्चों ने दी स्कॉलरशिप परीक्षा, ढाई घंटे में रिजल्ट
भिवानी के गांव आसलवास दुबिया स्थित सरस्वती विद्या विहार स्कूल में आयोजित स्कॉलरशिप टेस्ट में हजारों बच्चों ने भाग लिया। परीक्षा के ढाई घंटे के भीतर परिणाम घोषित कर टॉपर्स को साइकिल, टैबलेट और लैपटॉप देकर सम्मानित किया गया।
■ आसलवास दुबिया के सरस्वती विद्या विहार स्कूल में स्कॉलरशिप टेस्ट में हजारों बच्चों ने लिया हिस्सा
■ परीक्षा खत्म होने के महज ढाई घंटे में घोषित हुआ परिणाम, बच्चों में दिखी उत्सुकता
■ पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर आने वाले छात्रों को साइकिल, टैबलेट और लैपटॉप देकर किया सम्मानित
भिवानी जिले के गांव आसलवास दुबिया स्थित सरस्वती विद्या विहार स्कूल में सोमवार का दिन बच्चों और अभिभावकों के लिए बेहद खास रहा। स्कूल परिसर में आयोजित स्कॉलरशिप टेस्ट में आसपास के कई गांवों के हजारों बच्चों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
सुबह से ही स्कूल परिसर में उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। बच्चे पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने पहुंचे और पूरी लगन के साथ सवालों के जवाब देकर अपनी क्षमता साबित करने का प्रयास किया।कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि परीक्षा समाप्त होने के महज ढाई घंटे के भीतर ही परिणाम घोषित कर दिया गया। आमतौर पर ऐसी परीक्षाओं के परिणाम आने में काफी समय लगता है, लेकिन इतनी जल्दी रिजल्ट आने से बच्चों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
जैसे ही परिणाम घोषित हुए, स्कूल परिसर में तालियों की गूंज सुनाई देने लगी और विजेता बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।रिजल्ट घोषित होने के बाद पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। इन विजेता छात्रों को साइकिल, टैबलेट और लैपटॉप देकर उनका हौसला बढ़ाया गया।
पुरस्कार पाकर बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावक भी काफी खुश नजर आए और पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों का उत्साह बढ़ाते रहे।कार्यक्रम में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी की कुलपति दीप्ति धर्मानी भी विशेष रूप से पहुंचीं। उन्होंने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य बहुत जरूरी हैं।
उन्होंने बच्चों से कहा कि पढ़ाई में लगन रखेंगे तो एक दिन आप सभी चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में पढ़ने और घूमने जरूर आएंगे।स्कूल प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को पहचान देना और उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।इस अवसर पर बड़ी संख्या में मौजूद अभिभावकों और शिक्षकों ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
shubham