हरियाणा में बंबीहा गैंग के दो शूटर एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार, रात भर चली गोलियां
गुरुग्राम पुलिस ने देर रात एनकाउंटर के बाद बंबीहा गैंग के दो शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया। पंजाब निवासी सुमित और मंजीत के पैर में गोली लगी है और दोनों सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस उनसे वारदात की योजना को लेकर पूछताछ कर रही है।
➤ गुरुग्राम पुलिस ने बंबीहा गैंग के दो शार्प शूटरों को एनकाउंटर के बाद पकड़ा
➤ पंजाब के रहने वाले सुमित और मंजीत घायल, सिविल अस्पताल में भर्ती
➤ दोनों से पूछताछ जारी, वारदात की मंशा जानने की कोशिश
हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने शनिवार-रविवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बंबीहा गैंग के दो शार्प शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को पहले से ही इन बदमाशों की गुप्त सूचना मिल चुकी थी, जिसके बाद सेक्टर-39 क्राइम ब्रांच टीम के इंचार्ज मोहित और सेक्टर-40 क्राइम ब्रांच टीम के इंचार्ज ललित की संयुक्त टीम ने मैदावास गांव के पास दोनों को घेर लिया।
सूत्रों के अनुसार, यह मुठभेड़ रात करीब 2 बजे शुरू हुई, जब पुलिस टीम ने दोनों संदिग्धों को घेरकर सरेंडर करने को कहा। लेकिन उन्होंने आत्मसमर्पण के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलाईं, जिसमें दोनों शूटरों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने तुरंत उन्हें काबू में लेकर सिविल अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
आरोपियों की पहचान पंजाब निवासी सुमित और मंजीत के रूप में हुई है, जो कुख्यात बंबीहा गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। क्राइम ब्रांच इंचार्ज मोहित ने बताया कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है, जिससे हरियाणा और पंजाब में चल रही गैंगवार की कड़ी को समझा जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार, बंबीहा गैंग हरियाणा के कौशल चौधरी समेत कई बड़े अपराधियों के संपर्क में है। यह गैंग पहले से ही कई राज्यों में सक्रिय है, और इसके सदस्य एक-दूसरे के इलाकों में वारदातों के लिए शूटरों की अदला-बदली करते हैं। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ़्तारी के बाद क्षेत्र में गैंगस्टर गतिविधियों पर कुछ हद तक रोक लग सकती है।
बंबीहा गैंग की जड़ें पंजाब के मोगा जिले के बंबीहा गांव में पाई जाती हैं, जहाँ से दविंदर सिंह सिद्धू उर्फ दविंदर बंबीहा ने अपने अपराधिक करियर की शुरुआत की थी। वह महज़ 21 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में उतर गया था। 2016 में बठिंडा पुलिस ने उसका एनकाउंटर किया था, लेकिन उसकी मौत के बाद भी उसका गैंग और नेटवर्क जीवित रहा। अब यह नेटवर्क लक्की पटियाल और सुखप्रीत सिंह उर्फ बुड्ढा के हाथों में चला गया, जो भारत और विदेश दोनों से इसे संचालित करते रहे हैं।
बंबीहा गैंग का प्रभाव अब पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी और दिल्ली तक फैला हुआ है। पुलिस एजेंसियों के मुताबिक इस गैंग के पास 500 से ज्यादा शूटर सक्रिय हैं। इनके नेटवर्क में नीरज बवाना और कौशल चौधरी जैसे नाम भी जुड़े हुए हैं, जो अपने-अपने इलाकों में बड़े गैंग चलाते हैं।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन दोनों शूटरों की गिरफ्तारी से बंबीहा गैंग के हरियाणा नेटवर्क को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं। फिलहाल पुलिस दोनों के कॉल रिकॉर्ड, संपर्कों और हालिया मूवमेंट की जांच कर रही है।
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