पुलिस का बड़ा एक्शन, 3.75 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस ने 3.75 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। तीन आरोपी गिरफ्तार, 25 पासपोर्ट और 53 ATM कार्ड बरामद हुए।
गुरुग्राम में 3 राज्यों तक फैले साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार; दुबई कनेक्शन से खुली 3.75 करोड़ की ठगी
➤ तीन मुख्य बिंदु
दिल्ली से संचालित अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का गुरुग्राम पुलिस ने किया पर्दाफाश
3.75 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, दुबई कनेक्शन आया सामने
25 पासपोर्ट, 53 ATM कार्ड, 36 मोबाइल और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद
गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह दिल्ली के पॉश इलाके दिलशाद गार्डन में किराए का फ्लैट लेकर पूरे देश में ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को ठग रहा था। शुरुआती जांच में करीब 3.75 करोड़ रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जनक (27) निवासी विवेक विहार दिल्ली, दिनेश कुमार (30) निवासी बावल, रेवाड़ी और पवन कुमार (26) निवासी भूथन खुर्द, फतेहाबाद के रूप में हुई है। तीनों आरोपी लंबे समय से साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पवन कुमार पहले दुबई में रह चुका है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि उसने वहीं से साइबर अपराध के अंतरराष्ट्रीय तौर-तरीके सीखे और भारत लौटने के बाद अपने साथियों के साथ मिलकर इस गिरोह को खड़ा किया।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब गुरुग्राम के एक व्यक्ति से 2.53 करोड़ रुपए की ठगी की शिकायत पुलिस को मिली। जांच के दौरान पता चला कि ठगी की रकम में से 15 लाख रुपए एक कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। उस खाते से जुड़े मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
मोबाइल लोकेशन और डिजिटल सर्विलांस के जरिए क्राइम ब्रांच ने दिल्ली में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के ठिकाने से बड़ी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 25 पासपोर्ट, 53 एटीएम कार्ड, 5 चेकबुक, 36 मोबाइल फोन और 2 आईपी कैमरे बरामद किए हैं। बरामद सामग्री से अंदेशा है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने विदेशी और देश के अन्य हैंडलर्स के निर्देश पर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे। इसके बदले उन्हें हर महीने करीब 25 हजार रुपए वेतन और ठगी गई रकम पर बोनस मिलता था। आरोपियों का संपर्क टेलीग्राम ऐप के माध्यम से अन्य सदस्यों से हुआ था।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह लोगों को ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट और मोटे मुनाफे का झांसा देता था। निवेशकों को एक फर्जी पोर्टल पर रजिस्टर कराया जाता था, जहां उनके निवेश और रिटर्न को बढ़ता हुआ दिखाया जाता था। जब पीड़ित अपनी रकम निकालने की कोशिश करते थे तो उनका अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाता था और पूरी रकम हड़प ली जाती थी।
पुलिस के अनुसार अब तक इस गिरोह के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 15 शिकायतें सामने आ चुकी हैं। जांच एजेंसियां गिरोह के बैंक खातों, विदेशी लिंक और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हैं। आशंका है कि आने वाले दिनों में ठगी की राशि और पीड़ितों की संख्या में बड़ा खुलासा हो सकता है।
pooja