मंत्री के सामने रो पड़ा पराली व्यापारी, बोला- 60 लाख की पराली जली, केस दबा दिया
हांसी की पहली ग्रीवेंस मीटिंग में 60 लाख रुपए की पराली जलने से परेशान व्यापारी मंत्री महिपाल ढांडा के सामने रो पड़ा। मंत्री ने मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए।
- हांसी की पहली ग्रीवेंस मीटिंग में मंत्री के सामने फूट-फूटकर रोया पराली व्यापारी
- 60 लाख रुपए की पराली जलाने का आरोप, बोला- पुलिस ने केस दबा दिया
- मंत्री महिपाल ढांडा ने एसपी को दोबारा जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए
हरियाणा के 23वें जिले के रूप में अस्तित्व में आने के बाद हांसी में शुक्रवार को पहली ग्रीवेंस कमेटी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा ने की। कुल 10 शिकायतें बैठक में रखी गईं, जिनमें से 7 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि 3 मामलों को लंबित रखते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान एक ऐसा भावुक दृश्य सामने आया जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। गुराना गांव निवासी पराली व्यापारी सुरेंद्र मंत्री के सामने अपनी शिकायत लेकर पहुंचे और फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी करीब 60 लाख रुपए मूल्य की धान की पराली को कुछ लोगों ने रंजिशन आग लगाकर जला दिया, लेकिन शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
व्यापारी सुरेंद्र ने बताया कि उसने आसपास के किसानों से पराली खरीदकर एक स्थान पर एकत्रित कर रखी थी। आग लगने से उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सबूत और गवाहों की जानकारी उन्होंने पुलिस को पेन ड्राइव के माध्यम से भी उपलब्ध करवाई थी, लेकिन आज तक किसी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि वह दो बार एसपी कार्यालय जाकर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
मामले को सुनने के बाद मंत्री महिपाल ढांडा ने मंच पर मौजूद एसपी विनोद कुमार से जानकारी ली। एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बिजली की तारों से निकली चिंगारी सामने आया था। हालांकि मंत्री ने मामले को गंभीर मानते हुए दोबारा जांच के आदेश दिए और एसपी को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही व्यापारी को फिर से एसपी से मिलने के लिए कहा गया।
बैठक में भाटोल गांव के सरपंच देवेंद्र लांबा ने भी स्कूल के आसपास नशा बिकने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल के पास खुलेआम नशे का कारोबार चल रहा है, जिससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस को नामजद शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
इस पर डीएसपी रविंद्र सांगवान ने बताया कि हाल ही में पुलिस ने डॉग स्क्वायड और भारी पुलिस बल के साथ विशेष अभियान चलाया था। अभियान के दौरान 63 किलो अवैध नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गई। शिकायत में नामजद महिला के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं और नई शिकायत के आधार पर भी कार्रवाई जारी है।
मंत्री महिपाल ढांडा ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्कूलों और रिहायशी क्षेत्रों के आसपास किसी भी कीमत पर नशे का कारोबार नहीं चलना चाहिए। उन्होंने इस शिकायत को अगली बैठक तक लंबित रखते हुए कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।
बैठक में शहीद निशांत मलिक के माता-पिता जयवीर मलिक और राजबाला ने भी न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने पारिवारिक विवाद के दौरान पुलिस थाने में कथित मारपीट और आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई। डीएसपी ने बताया कि मामला अदालत में विचाराधीन है और पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है।
हालांकि मंत्री ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में शहीद के माता-पिता को परेशान नहीं किया जाए। यदि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की समस्या आती है तो प्रशासन तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगा।
बैठक के दौरान कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने फैमिली आईडी से जुड़ी बढ़ती शिकायतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लोगों को फैमिली आईडी, प्रॉपर्टी आईडी, फसल क्लेम और अवैध कब्जों से जुड़े मामलों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने की मांग की।
Akhil Mahajan