अब छुट्टी वाले दिन काम किया तो मिलेगा ‘बदले में अवकाश’: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला

हरियाणा सरकार ने छुट्टी के दिन काम करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रतिपूर्ति अवकाश का नया नियम लागू किया है।

अब छुट्टी वाले दिन काम किया तो मिलेगा ‘बदले में अवकाश’: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला

सरकारी छुट्टी पर ड्यूटी करने वालों को मिलेगा प्रतिपूर्ति अवकाश
मुख्य रूप से ग्रुप C और D कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
एक महीने में नहीं लिया तो छुट्टी अपने आप खत्म


चंडीगढ़ से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टी से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। अब यदि कोई कर्मचारी सरकारी अवकाश यानी नोटिफाइड हॉलिडे के दिन ड्यूटी करता है, तो उसे इसके बदले ‘प्रतिपूर्ति अवकाश’ दिया जाएगा। यह फैसला कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त काम के बदले उचित आराम मिल सकेगा।

वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इसके लिए हरियाणा सिविल सेवा (लीव) नियम, 2016 में संशोधन किया गया है। इस नए नियम का सबसे ज्यादा लाभ ग्रुप C (तृतीय श्रेणी) और ग्रुप D (चतुर्थ श्रेणी) के नियमित कर्मचारियों को मिलेगा, जो अक्सर छुट्टी के दिनों में भी ड्यूटी करने के लिए बाध्य होते हैं।

नए नियमों के तहत यदि कोई कर्मचारी छुट्टी के दिन काम करता है, तो उसे इसके बदले अवकाश लेने का अधिकार होगा, लेकिन इसके लिए समय सीमा तय की गई है। कर्मचारी को यह प्रतिपूर्ति अवकाश ड्यूटी करने के एक महीने के भीतर लेना होगा। यदि वह निर्धारित समय में छुट्टी नहीं लेता है, तो यह स्वतः ही समाप्त हो जाएगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी का अवकाश आवेदन विभाग द्वारा एक महीने के भीतर अस्वीकार कर दिया जाता है, तो उसे अतिरिक्त 15 दिनों के भीतर यह छुट्टी लेने का अवसर दिया जाएगा। इसके अलावा यह भी तय किया गया है कि अन्य छुट्टियों के साथ मिलाकर एक बार में अधिकतम 16 दिनों तक ही यह अवकाश लिया जा सकेगा।

हालांकि इस नियम के साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी जोड़ी गई है। यदि किसी कर्मचारी को छुट्टी वाले दिन काम करने के बदले पहले से ही कोई वित्तीय प्रोत्साहन या मानदेय दिया गया है, तो वह इस प्रतिपूर्ति अवकाश का लाभ नहीं ले सकेगा।

सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें अतिरिक्त काम के बदले आराम का अधिकार मिलेगा और कार्य-जीवन संतुलन बेहतर हो सकेगा।