अफसर सुसाइड केस में बड़ी कार्रवाई, पूर्व मंत्री भुल्लर अरेस्ट
पंजाब के अफसर गगनदीप रंधावा सुसाइड केस में पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर को गिरफ्तार किया गया। परिवार CBI जांच और गिरफ्तारी तक पोस्टमॉर्टम न कराने पर अड़ा है।
■ पंजाब के अफसर सुसाइड केस में पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर गिरफ्तार
■ परिवार ने सबूत देने से किया इनकार, कहा- पहले आरोपी को पकड़ो
■ CBI जांच की मांग तेज, संसद तक गूंजा मामला
पंजाब के बहुचर्चित वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा सुसाइड केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आम आदमी पार्टी सरकार के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें मंडी गोविंदगढ़ से पकड़ा गया और अब अमृतसर लाया जा रहा है।अमृतसर के DCP रविंदर पाल ने पुष्टि करते हुए बताया कि फतेहगढ़ साहिब पुलिस की मदद से यह कार्रवाई की गई। आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं भुल्लर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि उन्होंने खुद सरेंडर किया है।इस केस में मृतक अधिकारी के परिवार का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। जब पुलिस टीम गगनदीप रंधावा का मोबाइल फोन लेने उनके घर पहुंची, तो परिजनों ने साफ इनकार कर दिया। परिवार का कहना था कि पहले आरोपी मंत्री को गिरफ्तार किया जाए, उसके बाद ही कोई सबूत दिया जाएगा।परिवार ने अभी तक पोस्टमॉर्टम भी नहीं होने दिया है और शव अमृतसर के अस्पताल में रखा हुआ है। वे CBI जांच और PGI के मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम की मांग पर अड़े हुए हैं।
यह मामला अब राजनीतिक रूप से भी गर्मा गया है। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने इसे लोकसभा में उठाया, जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यदि पंजाब के सांसद लिखित में मांग करेंगे तो CBI जांच सौंपी जा सकती है।इसके बाद कांग्रेस के चार सांसदों—चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा,गुरजीत औजला और धर्मवीर गांधी—ने लिखित में जांच की मांग कर दी है।इस मामले में एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है। फुटेज में 21 मार्च की सुबह करीब 5:45 बजे गगनदीप रंधावा अपने घर के आंगन में टहलते हुए दिखाई देते हैं। कुछ देर बाद वह अचानक रुकते हैं और सल्फास की गोलियां खाकर पानी पी लेते हैं।
इसके बाद उन्होंने अपने मोबाइल से एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने कहा कि वह मंत्री भुल्लर से परेशान होकर यह कदम उठा रहे हैं।रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि जब तक लालजीत भुल्लर और उनके पिता सुखदेव भुल्लर की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वह पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं होने देंगी।उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने बच्चों के साथ सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करेंगी।इस पूरे मामले में मंत्री के इस्तीफे को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। मुख्यमंत्री द्वारा इस्तीफा लेने की बात कही गई, लेकिन विपक्षी नेताओं का दावा है कि इस्तीफा अभी तक राज्यपाल के पास नहीं पहुंचा।इस बीच विपक्ष ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
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