नरवाना रैली से इनेलो का बड़ा संदेश, युवाओं पर दांव और सियासी ताकत दिखाने की कोशिश
जींद के नरवाना में इनेलो रैली के दौरान पार्टी ने आधी टिकटें युवाओं को देने का ऐलान किया और राज्यसभा चुनाव के बाद खुद को किसी की ‘बी टीम’ न होने का संदेश दिया।
■ जींद के नरवाना में इनेलो की रैली, युवाओं को आधी टिकट देने का ऐलान
■ नेताओं का दावा- राज्यसभा चुनाव ने साबित किया इनेलो किसी की ‘बी टीम’ नहीं
■ 2029 में अभय चौटाला को CM बनाने के नारे, शक्ति प्रदर्शन के तौर पर रैली
हरियाणा के जींद जिले के नरवाना में शहीदी दिवस के मौके पर आयोजित इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के युवा सम्मेलन ने सियासी माहौल को गरमा दिया। इस सम्मेलन को रैली का रूप देते हुए पार्टी ने न केवल अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की, बल्कि बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में आधी टिकटें युवाओं को दी जाएंगी।
राज्यसभा चुनाव के बाद आयोजित इस रैली को इनेलो का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। रोहतक में 25 सितंबर 2025 को हुई देवीलाल जयंती रैली के बाद यह पार्टी का दूसरा बड़ा आयोजन है, जिस पर पूरे प्रदेश की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।रैली में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में पार्टी के स्टैंड ने यह साबित कर दिया है कि इनेलो किसी भी पार्टी की ‘बी टीम’ नहीं है, बल्कि अपनी अलग पहचान के साथ राजनीति कर रही है। नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का उदाहरण बताया।रैली में नेताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कठोर भर्ती नियमों के कारण युवाओं को पक्की नौकरियों से दूर रखा जा रहा है, जबकि HKRN के जरिए कम वेतन पर काम कराया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर युवाओं में नाराजगी को भुनाने की कोशिश भी साफ नजर आई।
कार्यक्रम में कई नेताओं ने 2029 में अभय चौटाला को मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगाए। मंच पर अर्जुन चौटाला, आदित्य देवीलाल, सुनैना चौटाला, कर्ण चौटाला, रामपाल माजरा, संपत सिंह समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे। अभय चौटाला के संबोधन का भी कार्यकर्ताओं को इंतजार रहा।अर्जुन चौटाला ने अपने संबोधन में शहीद-ए-आजम भगत सिंह और चौधरी देवीलाल के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र किया। वहीं सुनैना चौटाला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए विदेश जाना पड़ रहा है और उन्हें बेड़ियों में जकड़कर वापस लाया गया, लेकिन सरकार चुप रही।रामपाल माजरा ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि विधायकों की खरीद-फरोख्त कर लोकतंत्र का गला घोंटा गया। वहीं उमेद लोहान ने राज्यसभा चुनाव की तुलना फिल्मी अंदाज में करते हुए इसे राजनीतिक रणनीति की जीत बताया।रैली के दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी धर्मेंद्र ढुल समेत कई नेताओं ने इनेलो जॉइन की। बीजेपी और अन्य दलों से भी कुछ नेताओं को पार्टी में शामिल कराया गया, जिससे संगठन को मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश की गई।
इनेलो ने इस रैली के लिए नरवाना को रणनीतिक रूप से चुना। जींद को हरियाणा की राजनीति का ‘जाटलैंड का दिल’ माना जाता है और चौधरी देवीलाल के आंदोलनों की शुरुआत भी यहीं से हुई थी। इसके अलावा यह क्षेत्र चौटाला परिवार का मजबूत गढ़ रहा है, जहां से ओमप्रकाश चौटाला कई बार चुनाव लड़ चुके हैं।इनेलो लंबे समय से सिरसा तक सीमित मानी जाती रही है, लेकिन अब पार्टी जींद जैसे क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाकर अपना विस्तार करना चाहती है। जेजेपी के कमजोर होने के बाद बने राजनीतिक खालीपन को भी इनेलो भुनाने की कोशिश में है।इस रैली के जरिए इनेलो ने साफ संकेत दिया है कि वह आगामी चुनावों के लिए संगठन को सक्रिय कर रही है और युवाओं को आगे लाकर राजनीति में नई ऊर्जा भरना चाहती है।
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