हरियाणा में गौशालाओं को 2 रुपये यूनिट बिजली, सर्कुलर जारी

हरियाणा में पंजीकृत गौशालाओं को अब 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद DHBVN ने सर्कुलर जारी कर राहत दी है।

हरियाणा में गौशालाओं को 2 रुपये यूनिट बिजली, सर्कुलर जारी

• हरियाणा की पंजीकृत गौशालाओं को अब 2 रुपये प्रति यूनिट बिजली
• मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की घोषणा के बाद DHBVN ने जारी किया सर्कुलर
• अलग-अलग स्थानों पर स्थित गौशालाओं को मिल सकेंगे अलग बिजली कनेक्शन



हरियाणा सरकार ने गौशालाओं को बड़ी राहत देते हुए बिजली दरों में ऐतिहासिक कटौती का फैसला किया है। अब हरियाणा गौ सेवा आयोग में पंजीकृत गौशालाओं को केवल 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने आधिकारिक सर्कुलर जारी कर दिया है।

यह आदेश मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की घोषणा के बाद लागू किए गए हैं। DHBVN के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि गौशालाओं से पुराने टैरिफ के अनुसार जो शेष राशि बनेगी, उसे राज्य सरकार से सब्सिडी के रूप में दावा किया जाएगा। यह सब्सिडी केवल मीटर आधारित वास्तविक बिजली खपत पर ही मान्य होगी।

अब तक गौशालाओं को कॉमर्शियल कैटेगरी में रखकर 6 से 8 रुपये प्रति यूनिट बिजली शुल्क देना पड़ता था। नए फैसले के बाद इस अतिरिक्त भार को राज्य सरकार वहन करेगी, जिससे गौशालाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।

DHBVN ने स्पष्ट किया है कि रियायती टैरिफ का लाभ केवल उन्हीं गौशालाओं को मिलेगा, जो हरियाणा गौ सेवा आयोग में विधिवत पंजीकृत होंगी। पंजीकरण की पुष्टि संबंधित एसडीओ (ऑपरेशन) द्वारा ई-मेल या पत्र के माध्यम से की जाएगी। सभी कनेक्शन मीटर आधारित होंगे और यदि बिजली का उपयोग गौशाला के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया गया, तो रियायती दर लागू नहीं होगी।

बिजली निगम ने यह भी साफ किया है कि घोषित दरें बिजली शुल्क, नगर कर, पंचायत टैक्स और एफपीपीएएस से अलग होंगी। साथ ही हर बिलिंग चक्र में सब्सिडी राशि को बिल में अलग से दर्शाया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

इसके अलावा एक ही पंजीकरण संख्या वाली यदि कई गौशालाएं अलग-अलग स्थानों पर संचालित हैं, तो हरियाणा गौ सेवा आयोग की अनुमति के आधार पर उन्हें अलग-अलग रियायती बिजली कनेक्शन दिए जा सकेंगे।

गौशालाओं के लिए यह फैसला सरकार की व्यापक गौ संरक्षण नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत इस वर्ष कई अहम योजनाएं लागू की जा रही हैं।

सरकार ने 1000 तक पशुओं वाली गौशालाओं को एक ई-रिक्शा और 1000 से अधिक पशुओं वाली गौशालाओं को दो ई-रिक्शा देने का निर्णय लिया है। ई-रिक्शा की व्यवस्था हरियाणा गौ सेवा आयोग द्वारा की जाएगी।

इसके साथ ही प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं में 51 नए शेड बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

सड़कों को गोवंश मुक्त करने और बेसहारा पशुओं के संरक्षण के उद्देश्य से सरकार ने हर जिले में एक-एक गौ अभयारण्य स्थापित करने का फैसला लिया है। फिलहाल प्रदेश में 3 गौ अभयारण्य संचालित हो रहे हैं।