हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पुराने वाहन नंबर नई गाड़ी पर रखने पर नहीं लगेगी अतिरिक्त फीस

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पुराने वाहन नंबर नई गाड़ी पर ट्रांसफर करने पर अतिरिक्त वीआईपी या पसंदीदा नंबर शुल्क वसूलने पर रोक लगा दी है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पुराने वाहन नंबर नई गाड़ी पर रखने पर नहीं लगेगी अतिरिक्त फीस

हाईकोर्ट ने पुराने वाहन नंबर नई गाड़ी पर रखने वालों को बड़ी राहत दी

पसंदीदा नंबर ट्रांसफर करने पर अतिरिक्त वीआईपी फीस वसूली पर रोक

हरियाणा सरकार का 2019 का आदेश हाईकोर्ट ने किया रद्द


पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पुराने और पसंदीदा वाहन नंबरों को नई गाड़ियों पर जारी रखने वाले हजारों वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई वाहन मालिक अपने पुराने वाहन का नंबर नई गाड़ी पर ट्रांसफर करवाना चाहता है तो उससे केवल नंबर बदलने के आधार पर अतिरिक्त शुल्क या वीआईपी नंबर फीस नहीं वसूली जा सकती।

यह फैसला उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आया, जिनमें हरियाणा सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसके तहत पुरानी सीरीज के वाहन नंबरों को नई सीरीज में स्थानांतरित करने पर प्रेफरेंशियल नंबर शुल्क लिया जा रहा था। हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था को कानून के अनुरूप नहीं माना और सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि वाहन पंजीकरण चिह्न (Registration Marks) से जुड़े नियम बनाने, उनकी वैधता तय करने और नवीनीकरण संबंधी अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास हैं। राज्य सरकार इस विषय में स्वतंत्र रूप से नया नियम या अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं कर सकती।

कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी माना कि हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक निर्देशों और सर्कुलरों के आधार पर ऐसी व्यवस्था लागू करने का प्रयास किया था, जबकि इसके लिए उसके पास स्पष्ट कानूनी अधिकार नहीं थे।

मामले की सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 लागू होने से पहले जारी किए गए कई वाहन नंबर पुराने प्रारूप में हैं। ऐसे वाहन मालिक वर्षों से उन्हीं नंबरों का उपयोग कर रहे हैं और नई गाड़ी खरीदने के बाद भी वही नंबर जारी रखना चाहते हैं।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि सरकार पहले कई बार अदालत में यह आश्वासन दे चुकी थी कि पुराने नंबरों को नई सीरीज में बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के परिवर्तित किया जाएगा। लेकिन बाद में 8 नवंबर 2019 को जारी आदेश के जरिए शुल्क वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

जस्टिस जसमीत सिंह बसरा की अदालत ने 14 से अधिक याचिकाओं का एक साथ निपटारा करते हुए कहा कि वाहन मालिकों को अपने पुराने नंबर नई गाड़ी पर स्थानांतरित करने का अधिकार है। इसके लिए किसी भी प्रकार की अतिरिक्त वीआईपी या पसंदीदा नंबर फीस नहीं लगाई जा सकती।

इस फैसले को वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब ऐसे हजारों लोग, जो वर्षों पुराने और अपनी पहचान बन चुके वाहन नंबरों को नई गाड़ियों पर जारी रखना चाहते हैं, उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। साथ ही यह निर्णय राज्यों और केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र को लेकर भी महत्वपूर्ण स्पष्टता प्रदान करता है।