हरियाणा के 6 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, सोनीपत-यमुनानगर में 40 MM से ज्यादा बरसे बादल

हरियाणा के 6 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी है। सोनीपत और यमुनानगर में 40 MM से ज्यादा बारिश हुई, जबकि कई जिलों में तापमान गिरा है।

हरियाणा के 6 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, सोनीपत-यमुनानगर में 40 MM से ज्यादा बरसे बादल

हरियाणा के 6 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, तेज हवाओं के साथ बरसेंगे बादल

➤ सोनीपत और यमुनानगर में 40 MM से ज्यादा बारिश, कई इलाकों में जलभराव

➤ बारिश से दिन के तापमान में गिरावट, फरीदाबाद 36.6°C के साथ सबसे गर्म

हरियाणा में मानसून की सक्रियता अब कुछ इलाकों में कम होने लगी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मंगलवार से प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसूनी हवाओं की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। हालांकि उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हरियाणा में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

सोनीपत में जलभराव के दौरान जूते हाथ में लेकर सड़क पार करता युवक। - Dainik Bhaskar

मौसम विभाग ने पंचकूला, जींद, पानीपत, यमुनानगर, करनाल और सोनीपत में यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

वहीं मध्य और दक्षिण-पूर्वी हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह में रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

सोमवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा। सोनीपत और यमुनानगर में 40 एमएम से अधिक बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण कई शहरों और कस्बों में जलभराव की स्थिति बनी रही।

सोनीपत में जलभराव, युवक बारिश में नहाया

सोनीपत में सोमवार को तेज बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। गीता भवन के आसपास भी जलभराव देखने को मिला। इस दौरान एक युवक बारिश के बीच शैंपू लगाकर नहाता नजर आया।

सोनीपत में तेज बारिश हुई। एक युवक शैंपू लगाकर बारिश में ही नहाने लगा। वहीं गीता भवन के पास हुआ जलभराव।

सोनीपत के मुरथल रोड पर भी बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो गया। लोगों को जलभराव के बीच आवाजाही करनी पड़ी। एक युवक जूते हाथ में लेकर सड़क पार करता दिखाई दिया।

गोहाना में भी तेज बारिश का असर देखने को मिला। जींद रोड पर जलभराव होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

टोहाना में छत गिरने के बाद मलबा हटाया

टोहाना में बारिश के दौरान एक छत गिर गई। इसके बाद लोगों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम किया। बारिश के कारण कई जगहों पर जलनिकासी व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

टोहाना में छत गिरने के बाद मलबा हटाते लोग।

उधर सिरसा के डबवाली में सोमवार सुबह करीब 10 बजे तक कोहरा छाया रहा। बारिश और मौसम में बदलाव के कारण यहां वातावरण में नमी बनी रही।

पश्चिमी हरियाणा में बारिश के आसार कम

मौसम विभाग के अनुसार सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में बारिश की संभावना फिलहाल बेहद कम है।

इन जिलों में कुछ स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि अधिकांश समय धूप और आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है।

इससे साफ है कि प्रदेश के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में जहां बारिश का असर ज्यादा रहेगा, वहीं पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हरियाणा में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रहेगा।

बारिश से दिन के तापमान में गिरावट

बारिश के कारण प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 1.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद दिन का तापमान सामान्य से करीब 3.3 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार फरीदाबाद में सबसे ज्यादा 36.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। पानीपत में अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री और नूंह में 35.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

बारिश से प्रभावित जिलों में दिन के तापमान में काफी गिरावट देखने को मिली। यमुनानगर में अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री और करनाल में 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अंबाला में अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री, रोहतक में 30.9 डिग्री और हिसार में 34.0 डिग्री सेल्सियस रहा।

गोहाना में तेज बारिश की वजह से जींद रोड पर जलभराव हो गया।

भिवानी में रात सबसे ठंडी

प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी हुई है। हालांकि रात का तापमान अभी सामान्य स्तर के आसपास बना हुआ है।

भिवानी में सबसे कम 23.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। यमुनानगर में रात का पारा 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

इसके विपरीत रोहतक में रात सबसे गर्म रही। यहां न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

जींद में न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री, कैथल और सोनीपत में 28.0 डिग्री, करनाल में 27.9 डिग्री, गुरुग्राम में 27.7 डिग्री और हिसार में 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

बारिश से प्रभावित जिलों में रात के समय वातावरण में नमी बनी हुई है। मौसम में आए इस बदलाव से दिन के तापमान में राहत मिली है, लेकिन उमस का असर कई इलाकों में अभी भी महसूस किया जा रहा है।