घर जा रहे हरियाणा के SDO की कार में मिली लाश, दरवाजे लॉक थे और बज रहा था म्यूजिक

यमुनानगर नगर निगम के SDO दीपक कुमार का शव यूपी के बागपत में कार के अंदर मिला। कार अंदर से लॉक थी और म्यूजिक बज रहा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

घर  जा रहे हरियाणा के SDO की कार में मिली लाश, दरवाजे लॉक थे और बज रहा था म्यूजिक

यमुनानगर नगर निगम में तैनात SDO दीपक कुमार का शव कार में मिला
कार अंदर से लॉक थी, ड्राइविंग सीट पर मिला शव और बज रहा था म्यूजिक
यूपी पुलिस CCTV और कॉल डिटेल के जरिए मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी


हरियाणा के यमुनानगर नगर निगम में तैनात 37 वर्षीय SDO दीपक कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर खड़ी कार के अंदर मिला। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कार के सभी दरवाजे अंदर से लॉक थे और अंदर धीमी आवाज में म्यूजिक बज रहा था। पुलिस ने शीशा तोड़कर शव को बाहर निकाला।

कार की ड्राइविंग सीट पर एसडीओ की लाश मिली।

मृतक की पहचान दीपक कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के पलवल जिले के सिहोल गांव के रहने वाले थे। वह वर्तमान में यमुनानगर नगर निगम में एसडीओ के पद पर कार्यरत थे। कुछ महीने पहले ही उनका तबादला गुरुग्राम से यमुनानगर हुआ था।

बुधवार तड़के बागपत जिले की रमाला थाना पुलिस हाईवे पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान किशनपुर बराल के पास निर्माणाधीन सीएनजी पंप के सामने सड़क किनारे एक कार संदिग्ध हालत में खड़ी दिखाई दी। पुलिस टीम जब कार के पास पहुंची तो देखा कि सभी दरवाजे अंदर से बंद हैं और कार के भीतर म्यूजिक बज रहा है।

पुलिस ने कई बार आवाज लगाई और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर पुलिस ने कार का शीशा तोड़ा। अंदर ड्राइविंग सीट पर एक व्यक्ति बेसुध अवस्था में पड़ा हुआ था। उसके मुंह से खून निकल रहा था।

पुलिस शिनाख्त की कोशिश कर रही थी कि इसी दौरान मृतक के मोबाइल फोन पर परिजनों का कॉल आया। पुलिस ने कॉल रिसीव कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मृतक की पहचान दीपक कुमार के रूप में हुई।

यही वो कार है, जिसमें हरियाणा में नगर निगम एसडीओ की लाश मिली।

परिजनों ने बताया कि दीपक कुमार यमुनानगर से अपने घर पलवल जाने के लिए निकले थे। हालांकि वह बागपत कैसे पहुंचे और रास्ते में क्या हुआ, इसे लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं। पुलिस अब आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज और मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है।

परिवार के अनुसार दीपक कुमार शादीशुदा थे और उनके छह साल का एक बेटा है। दो भाइयों में वह बड़े थे। उनके चाचा जगबीर पटवारी ने बताया कि दीपक कुछ समय पहले तक गुरुग्राम में तैनात थे और हाल ही में यमुनानगर स्थानांतरित हुए थे।

नगर निगम के कर्मचारियों का कहना है कि दीपक कुमार अपने काम से काम रखने वाले अधिकारी थे और ज्यादा लोगों से घुलते-मिलते नहीं थे। उनकी अचानक मौत की खबर से निगम कर्मचारियों में भी शोक का माहौल है।

रमाला थाना के इंस्पेक्टर सूर्यदीप सिंह के अनुसार मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।