हरियाणा में गन्ना किसानों को अब मिलेंगे 5 हजार रुपए प्रति एकड़

हरियाणा सरकार ने गन्ना किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रति एकड़ कर दी है। योजना के लिए आवेदन 15 अक्टूबर से शुरू होंगे।

हरियाणा में गन्ना किसानों को अब मिलेंगे 5 हजार रुपए प्रति एकड़

हरियाणा में गन्ना किसानों को अब मिलेंगे 5 हजार रुपए प्रति एकड़

चौड़ी कतारों और एकल-आंख विधि से खेती पर बढ़ा प्रोत्साहन

15 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक पोर्टल पर करना होगा आवेदन

हरियाणा सरकार ने गन्ना किसानों को प्रोत्साहित करने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने ‘गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन’ के तहत गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ा दी है।

अब जो किसान चार फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ने की रोपाई करेंगे, उन्हें सरकार की ओर से 5 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पहले यह राशि 3 हजार रुपए प्रति एकड़ थी। सरकार ने इसमें 2 हजार रुपए प्रति एकड़ की बढ़ोतरी की है।

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने विभागीय समीक्षा बैठक में कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था की मजबूत नींव हैं। किसानों को मजबूत करना भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट में इस प्रोत्साहन राशि को बढ़ाने की घोषणा की थी, जिसे अब राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है।

कृषि मंत्री ने बताया कि बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि का लाभ लेने के लिए किसानों को 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके बाद फरवरी 2027 तक भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर किसानों के खातों में राशि भेजी जाएगी।

सरकार ने एकल-आंख विधि से गन्ने की बिजाई करने वाले किसानों के लिए भी प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रति एकड़ कर दी है। पहले इस योजना में भी किसानों को 3 हजार रुपए प्रति एकड़ दिए जाते थे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश की प्रत्येक सहकारी चीनी मिल अपने क्षेत्र के किसानों को शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध करवाएगी। इससे किसानों की फसल कटाई की लागत कम होगी और समय की बचत भी होगी।

कृषि मंत्री के अनुसार सरकार अब टिश्यू कल्चर तकनीक के जरिए गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। इस तकनीक से तैयार पौधे किसानों को मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे।

यह पौधे करनाल सहकारी चीनी मिल द्वारा तैयार किए जाएंगे। किसान अक्टूबर से दिसंबर के बीच यहां से पौध प्राप्त कर सकेंगे।

राणा ने कहा कि सरकार की इन पहलों से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ टिकाऊ खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार और निदेशक राज नारायण कौशिक सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।