रूस की जंग में हरियाणा ने बेटा खोया, परिजन बोले—पहचान में नहीं आ रहा शव

हिसार जिले के मदनहेड़ी गांव निवासी 28 वर्षीय सोनू की रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत हो गई। शव के गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। परिवार ने आरोप लगाया कि उसे धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर युद्ध क्षेत्र में भेजा गया था। साथी अमन अब भी रूस में फंसा हुआ है।

रूस की जंग में हरियाणा ने बेटा खोया, परिजन बोले—पहचान में नहीं आ  रहा शव

रूस-यूक्रेन युद्ध में हरियाणा का बेटा सोनू शहीद
28 वर्षीय युवक का शव पहुंचते ही मदनहेड़ी गांव में मातम
परिवार का आरोप—झांसे में लेकर रूस की सेना में भर्ती किया गया


हिसार जिले के मदनहेड़ी गांव का 28 वर्षीय सोनू रूस-यूक्रेन युद्ध का एक और शिकार बन गया। बुधवार सुबह जब सोनू का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरा गांव शोक और स्तब्धता में डूब गया। गलियों में सन्नाटा पसरा था, घरों में चूल्हे नहीं जले, और हर आंख नम थी। सोनू के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। आस-पास के गांवों से भी सैकड़ों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे

सोनू के शव का गांव में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सोनू की मां, पिता और बहनें बेटे का चेहरा देखकर बेसुध हो गईं। इस दौरान गांव के युवाओं ने उसकी याद में शोक मार्च निकाला। ग्रामीणों ने गांव के चौक पर मोमबत्तियां जलाकर उसे भावभीनी विदाई दी।

गांव में पहुंचे कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने परिवार को ढांढस बंधाया और इसे राज्य के लिए “एक बड़ी क्षति” बताया। उन्होंने कहा कि “विदेशों में फंसे युवकों को तुरंत सुरक्षित वापस लाया जाना चाहिए।” विधायक ने केंद्र और राज्य सरकार से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की।

मदनहेड़ी में सोनू की माैत पर विलाप करते हुए परिवार की महिलाएं।

सोनू का अंतिम संस्कार गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया, जिसमें हजारों ग्रामीण शामिल हुए। “मदनहेड़ी का बेटा सोनू अमर रहे” के नारों से गांव की फिज़ा गूंज उठी।

परिवार ने बताया कि सोनू मई 2024 में रूसी भाषा का कोर्स करने रूस गया था। लेकिन कुछ महीनों बाद उसे जबरन रूसी सेना में भर्ती कर युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया। परिवार के अनुसार, रूसी आर्मी कमांडर ने कॉल कर बताया कि यूक्रेन के ड्रोन हमले में सोनू की मौत हो गई। उनका शव एयरलिफ्ट कर भारत लाया गया।

परिवार ने शव की हालत पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भेजा गया शव पहचान में नहीं आ रहा। परिजन अब सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि मामले की जांच कराई जाए और रूस में फंसे अन्य युवकों को वतन लाया जाए।

गांव का ही एक और युवक अमन भी सोनू के साथ रूस गया था। कुछ दिन पहले अमन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उसने कहा कि उसे गार्ड की नौकरी का झांसा देकर रूस बुलाया गया, लेकिन बाद में जबरन रशियन आर्मी में भर्ती कर लिया गया। उसने वीडियो में रोते हुए कहा—“यहां मौत हर वक्त मंडरा रही है, कभी भी मर सकता हूं।

अब गांव के हर कोने में एक ही बात है — “सोनू चला गया, अब अमन को कैसे बचाया जाए।” हर चेहरा सवाल कर रहा है कि आखिर हरियाणा के बेटे विदेशी जंग में क्यों मर रहे हैं