हिसार पुलिस चौकी में हुई मौत का मामला मर्डर निकला, शरीर पर मिले 23 चोटों के निशान
हिसार की मंगाली पुलिस चौकी में हुई संजय की मौत का मामला हत्या में बदला। पोस्टमॉर्टम में 23 चोटें मिलीं। फोरेंसिक जांच में घर और शर्ट पर खून के धब्बे पाए गए।
- हिसार की मंगाली पुलिस चौकी में हुई मौत अब हत्या करार
- पोस्टमॉर्टम में संजय के शरीर पर मिले 23 चोटों के निशान
- फोरेंसिक को घर और शर्ट पर मिले खून के धब्बे, अज्ञात पर केस
हरियाणा के हिसार जिले की मंगाली पुलिस चौकी में हुई संजय की मौत का मामला अब हत्या में तब्दील हो गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और न्यायिक जांच में सामने आया है कि संजय को मौत से पहले बेरहमी से पीटा गया था। उसके शरीर पर कुल 23 चोटों के निशान पाए गए हैं।
जांच के दौरान फोरेंसिक टीम को संजय के घर से अहम सबूत मिले हैं। घर में रखे पलंग और संजय की शर्ट पर ‘B’ ग्रुप के खून के धब्बे पाए गए, जो मृतक के ब्लड ग्रुप से मेल खाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार ये चोटें मौत से करीब 12 से 18 घंटे पहले की बताई गई हैं।
हालांकि, न्यायिक जांच रिपोर्ट में पुलिस कर्मचारियों को क्लीन चिट दी गई है। जांच में यह निष्कर्ष निकाला गया कि संजय को लगी चोटें किसी पुलिसकर्मी द्वारा नहीं पहुंचाई गई थीं। इसके आधार पर थाना आजाद नगर पुलिस ने धारा 103(1) बीएनएस के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
मामले में संजय के परिजन अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने न तो कोई बयान दर्ज कराया है और न ही किसी पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
जानिए क्या था पूरा मामला
हिसार के गांव मंगाली झारा निवासी संजय की 23 जुलाई 2025 को मंगाली पुलिस चौकी की हवालात में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था और पुलिस चौकी पर ताला भी जड़ दिया था।
इसके बाद अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में पांच डॉक्टरों के बोर्ड ने संजय के शव का पोस्टमॉर्टम किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए गए थे।
रात को लाया गया, सुबह मिला शव
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संजय को 22 जुलाई की रात मंगाली पुलिस चौकी लाया गया था। बताया गया कि उसकी पत्नी ने घरेलू झगड़े को लेकर शिकायत दी थी। पुलिस का कहना था कि रात में कोई और विवाद न हो, इसलिए एहतियातन उसे चौकी में रखा गया था। अगले दिन 23 जुलाई को संजय की मौत हो गई।
जांच में सामने आए अहम तथ्य
न्यायिक जांच के दौरान पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में 23 चोटों की पुष्टि हुई। फोरेंसिक जांच में पुलिस चौकी में खून के कोई निशान नहीं मिले, लेकिन संजय के घर से खून के धब्बे बरामद हुए।
मृतक के बेटे अमित ने पहले आरोप लगाया था कि पुलिस उनसे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाना चाहती थी। वहीं परिजनों का कहना था कि जिस कमरे में संजय को रखा गया था, वहां पंखा, रोशनदान और पानी की व्यवस्था नहीं थी, जिससे दम घुटने और गर्मी के कारण उसकी मौत हुई।
पुलिस जांच जारी
न्यायिक जांच रिपोर्ट और डीसी हिसार कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के बाद थाना आजाद नगर में एफआईआर संख्या 915 दर्ज की गई है। मामले की आगामी जांच इंस्पेक्टर दलबीर सिंह द्वारा की जा रही है।
संजय की मौत के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिजन और ग्रामीण दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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