दुलर्भ संयोग के साथ होलिका दहन आज रात , शाम 05:55 से भद्रा का साया, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

2 मार्च 2026 को होलिका दहन और छोटी होली मनाई जाएगी। शाम 05:55 से भद्रा का साया रहेगा, इसलिए रात्रि 12:50 से 02:02 के बीच शुभ मुहूर्त में दहन होगा। जानें पंचांग, राहुकाल, दिशाशूल और सोमवार व्रत का महत्व।

दुलर्भ संयोग के साथ होलिका दहन आज रात , शाम 05:55 से भद्रा का साया, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

आज फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी पर होलिका दहन और छोटी होली
शाम 05:55 से अगले दिन 05:28 तक भद्रा, प्रदोष काल में दहन नहीं
सोमवार व्रत के साथ शिव पूजन का विशेष महत्व


2 मार्च 2026 को देशभर में होलिका दहन मनाया जा रहा है, जिसे छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी तिथि है, जो शाम 05:55 बजे तक रहेगी, इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी। विशेष बात यह है कि आज शाम 05:55 बजे से अगले दिन सुबह 05:28 बजे तक भद्रा का साया रहेगा। ऐसे में प्रदोष काल में होलिका दहन संभव नहीं होगा और शास्त्रों के अनुसार रात्रि 12:50 से 02:02 बजे के बीच शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाएगा।

आज का नक्षत्र अश्लेशा सुबह 07:51 बजे तक रहेगा, इसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ होगा। अतिगण्ड योग दोपहर 12:19 बजे तक है, उसके बाद सुकर्मा योग लगेगा। वणिज करण शाम 05:55 बजे तक और उसके बाद विष्टि करण रहेगा। चंद्रमा आज कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेगा। दिशाशूल पूर्व दिशा में है, अतः पूर्व दिशा की यात्रा टालना शुभ माना गया है।

होलिका दहन का महत्व और कथा

होलिका दहन की कथा हिरण्यकश्यप, उसके पुत्र प्रह्लाद और बहन होलिका से जुड़ी है। मान्यता है कि होलिका को अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था, लेकिन अधर्म के कारण वह स्वयं अग्नि में भस्म हो गई और भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे। तभी से यह पर्व अन्याय और अहंकार के अंत का प्रतीक बन गया। देशभर में श्रद्धालु विधि-विधान से अग्नि प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना करते हैं और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हैं।

सोमवार व्रत और शिव पूजन का संयोग

आज सोमवार होने से भगवान शिव की उपासना का भी विशेष महत्व है। प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, बेलपत्र, धतूरा, शहद, घी और चंदन अर्पित करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें, शिव चालीसा का पाठ करें और आरती के बाद प्रसाद वितरित करें।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय

सूर्योदय – 06:45 ए एम
सूर्यास्त – 06:21 पी एम
चंद्रोदय – 05:20 पी एम
चंद्रास्त – 06:33 ए एम, 3 मार्च

प्रमुख शुभ मुहूर्त

होलिका दहन – रात्रि 12:50 से 02:02
ब्रह्म मुहूर्त – 05:06 ए एम से 05:56 ए एम
अभिजित मुहूर्त – 12:10 पी एम से 12:57 पी एम
विजय मुहूर्त – 02:29 पी एम से 03:16 पी एम
गोधूलि मुहूर्त – 06:19 पी एम से 06:44 पी एम
निशिता मुहूर्त – 12:08 ए एम से 12:58 ए एम, 3 मार्च
रवि योग – 06:45 ए एम से 07:51 ए एम