ईरान संकट का असर, पेट्रोल-डीजल 12 रुपए तक महंगे हो सकते हैं और सोना ₹1.90 लाख तक पहुंचने की आशंका

अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने पर पेट्रोल-डीजल 10-12 रुपए तक महंगे हो सकते हैं। सोना ₹1.90 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की आशंका है और शेयर बाजार में गिरावट संभव है।

ईरान संकट का असर, पेट्रोल-डीजल 12 रुपए तक महंगे हो सकते हैं और सोना ₹1.90 लाख तक पहुंचने की आशंका

पेट्रोल-डीजल 10–12 रुपए तक महंगे हो सकते हैं
सोना ₹30 हजार उछलकर ₹1.90 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है
होर्मुज स्ट्रेट बंद हुआ तो शेयर बाजार में 1–1.5% गिरावट संभव


अमेरिका और इजराइल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है और रणनीतिक तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है, तो इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल के दाम 10–12 रुपए तक बढ़ सकते हैं, सोना रिकॉर्ड स्तर छू सकता है और शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आ सकती है।

भारत अपनी जरूरत का करीब 90% कच्चा तेल आयात करता है। इसमें से लगभग 50% क्रूड होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता है। यदि ईरान इस जलमार्ग को ब्लॉक करता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई घटेगी और ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100–120 डॉलर तक पहुंच सकता है। ऐसे में दिल्ली में पेट्रोल ₹95 से बढ़कर ₹105 प्रति लीटर और डीजल ₹88 से बढ़कर ₹96 तक जा सकता है।

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें सरकारी तेल कंपनियां तय करती हैं। ये पिछले 15 दिनों की अंतरराष्ट्रीय औसत कीमत और डॉलर-रुपया विनिमय दर पर निर्भर करती हैं। हालांकि अंतिम कीमत में केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स का बड़ा हिस्सा होता है। इसलिए कंपनियां बेस प्राइस तय करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन अंतिम निर्णय सरकार के रुख पर निर्भर करता है। युद्ध जैसी स्थिति में सरकार टैक्स घटाकर बोझ कम करने या कंपनियों को कीमत न बढ़ाने का संकेत दे सकती है।

सोने-चांदी में भी तेज उछाल की संभावना है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम से बढ़कर ₹1.90 लाख तक जा सकता है। चांदी ₹2.67 लाख प्रति किलो से बढ़कर ₹3.50 लाख तक पहुंच सकती है। युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के समय निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आती है।

शेयर बाजार पर भी दबाव दिख सकता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सेंसेक्स में 1300 अंकों और निफ्टी में 300 अंकों तक की गिरावट संभव है। निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।

होर्मुज स्ट्रेट करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का लगभग 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। हर दिन 1.78 करोड़ से 2.08 करोड़ बैरल कच्चा तेल और ईंधन इस मार्ग से ट्रांसपोर्ट होता है। ईरान स्वयं भी रोजाना लगभग 17 लाख बैरल तेल इसी रास्ते से निर्यात करता है।

यदि होर्मुज बंद होता है तो ईरान को भी भारी नुकसान होगा, क्योंकि उसका सबसे बड़ा खरीदार चीन है। सप्लाई बाधित होने से द्विपक्षीय रिश्तों पर असर पड़ सकता है।

वैकल्पिक मार्ग के रूप में सऊदी अरब के पास 746 मील लंबी ‘ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन’ है, जिसके जरिए रोजाना 50 लाख बैरल तेल रेड सी टर्मिनल तक भेजा जा सकता है। भारत समेत एशियाई देश इस विकल्प और अपने रणनीतिक भंडार पर नजर बनाए हुए हैं।

सरकार संभावित संकट से निपटने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक भारत खाड़ी के बाहर के सप्लायर्स से आयात बढ़ा रहा है। जरूरत पड़ने पर ‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ से भी तेल जारी किया जा सकता है।