पहाड़ी धुनों पर बना था राजेश खन्ना का कल्ट गाना'ये शाम मस्तानी'
राजेश खन्ना की फिल्म 'कटी पतंग' का सदाबहार गीत 'ये शाम मस्तानी' पहाड़ी संगीत शैली से प्रेरित था। जानिए इस कालजयी गीत से जुड़े दिलचस्प तथ्य।
'ये शाम मस्तानी' की धुन पहाड़ी संगीत शैली से हुई थी प्रेरित
56 साल बाद भी किशोर कुमार की आवाज में कायम है गाने का जादू
राजेश खन्ना की फिल्म 'कटी पतंग' का यह गीत आज भी सदाबहार हिट
हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना और महान गायक किशोर कुमार की जोड़ी ने 70 के दशक में कई यादगार गीत दिए। इन्हीं में से एक 'ये शाम मस्तानी' आज भी सदाबहार गीतों की सूची में शामिल है। करीब 56 साल बाद भी यह गाना अपनी मधुर धुन और शानदार प्रस्तुति की वजह से श्रोताओं की पहली पसंद बना हुआ है।
फिल्म 'कटी पतंग' का यह लोकप्रिय गीत महान संगीतकार आर.डी. बर्मन (पंचम दा) ने तैयार किया था। इस गीत की सबसे खास बात इसकी धुन है, जिसे तैयार करने में पहाड़ी संगीत शैली से प्रेरणा ली गई थी। यही वजह है कि यह गाना सुनते ही एक अलग सुकून और ताजगी का एहसास होता है।
इस गीत के बोल मशहूर गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे। सरल और भावपूर्ण शब्दों के साथ किशोर कुमार की मधुर आवाज ने इसे हमेशा के लिए अमर बना दिया। पर्दे पर राजेश खन्ना और आशा पारेख की शानदार केमिस्ट्री ने भी इस गाने की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी।
बताया जाता है कि 'ये शाम मस्तानी' की शूटिंग भी पहाड़ी वादियों में की गई थी। फिल्म का यह रोमांटिक गीत उत्तराखंड के नैनीताल की खूबसूरत लोकेशन पर फिल्माया गया, जिसने इसके दृश्य सौंदर्य को और भी यादगार बना दिया।
आज भी यह गीत रेडियो, संगीत मंचों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खूब सुना जाता है। संगीत प्रेमियों के लिए 'ये शाम मस्तानी' सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर की एक अमर धरोहर माना जाता है।
pooja