करनाल में नमाज को लेकर बवाल, गली में पत्थरबाजी
करनाल के इंद्री में नमाज पढ़ने को लेकर दो पक्षों में पत्थरबाजी हुई। बच्चों और महिलाओं की भागीदारी से 5-6 लोग घायल हुए। पुलिस वीडियो के आधार पर जांच कर रही है।
➤ करनाल में नमाज को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प, पत्थरबाजी
➤ बच्चों और महिलाओं ने भी उठाए डंडे-ईंट, 5-6 लोग घायल
➤ प्लाट विवाद और पैसे की रंजिश भी सामने, पुलिस जांच में जुटी
करनाल के इंद्री कस्बे में शुक्रवार को एक प्लाट में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच गली में जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हो गए। इस घटना में करीब 5 से 6 लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ के सिर फूटने की भी जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश की। घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 10 में रहने वाले पप्पू और वासिल पक्ष के बीच पिछले कुछ समय से एक प्लाट को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि शुक्रवार को पप्पू पक्ष के लोग प्लाट पर नमाज पढ़ने पहुंचे, लेकिन दूसरे पक्ष ने उन्हें रोक दिया।
इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि एक पक्ष ने लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया, जिसके बाद दूसरे पक्ष के लोग भी गली में उतर आए और दोनों ओर से पत्थर बरसने लगे।
हैरान करने वाली बात यह रही कि इस झगड़े में 8-10 साल के बच्चे भी शामिल हो गए और उन्होंने भी पत्थर उठाकर फेंके। वहीं, महिलाएं हाथों में ईंट लेकर सड़क पर उतर आईं और झड़प में शामिल दिखीं।
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते और लाठी-डंडे लहराते नजर आ रहे हैं। पुलिसकर्मी भी मौके पर लोगों को रोकने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन कुछ युवक उनके सामने भी पत्थरबाजी करते रहे।
इंद्री थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायत मिली है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि विवाद सिर्फ नमाज तक सीमित नहीं, बल्कि पैसों और जमीन को लेकर पुरानी रंजिश भी इसकी वजह हो सकती है।
फिलहाल, पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है और पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
Akhil Mahajan