AAP छोड़ चुके राज्यसभा सांसद संदीप पाठक पर कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है
AAP छोड़ भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब के दो जिलों में FIR दर्ज होने की चर्चा तेज है। मामले ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
■ AAP छोड़ चुके राज्यसभा सांसद संदीप पाठक पर कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है
■ पंजाब के दो जिलों में गैर-जमानती धाराओं के तहत FIR दर्ज होने की चर्चा
■ भाजपा नेताओं ने AAP पर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए
आम आदमी पार्टी छोड़कर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। पंजाब में उनके खिलाफ दो अलग-अलग जिलों में FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि दोनों मामले गैर-जमानती धाराओं में दर्ज किए गए हैं।
चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा नेताओं ने संदीप पाठक और आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। भाजपा नेताओं का दावा है कि पंजाब में सत्ता के दौरान कई फैसलों में अनियमितताएं हुईं और अब उन्हीं मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू हो रही है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल किया और राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग किया। इसी सिलसिले में संदीप पाठक का नाम भी जांच के दायरे में आया है।
जानकारी के मुताबिक, पंजाब के दो जिलों में दर्ज FIR में वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप जैसे आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस या प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को आगामी चुनावी रणनीति और दल बदल की राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा नेताओं का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने इन आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। उनका कहना है कि भाजपा विपक्षी नेताओं को दबाव में लाने के लिए एजेंसियों और कानूनी कार्रवाई का इस्तेमाल कर रही है।
फिलहाल पूरे मामले पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और पंजाब से लेकर दिल्ली तक इस घटनाक्रम की चर्चा हो रही है। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों और आगामी कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।
pooja