हरियाणा के अग्निवीर की जम्मू-कश्मीर में मौत, खुद की राइफल से चली गोली; पत्नी की मौत के बाद था तनाव

महेंद्रगढ़ के 22 वर्षीय अग्निवीर शंकर की जम्मू-कश्मीर के राजौरी में गोली लगने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में खुद की राइफल से गोली चलने की आशंका जताई गई है।

हरियाणा के अग्निवीर की जम्मू-कश्मीर में मौत, खुद की राइफल से चली गोली; पत्नी की मौत के बाद था तनाव

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में तैनात 22 वर्षीय अग्निवीर की गोली लगने से मौत

प्रारंभिक जांच में खुद की राइफल से गोली चलने और आत्महत्या की आशंका

एक महीने पहले पत्नी की मौत के बाद मानसिक तनाव में था जवान, दहेज प्रकरण भी बना था विवाद


हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के सोहड़ी गांव निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर शंकर की जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में गोली लगने से मौत हो गई। वह मंजाकोट थाना क्षेत्र के तरकुंडी गली में तैनात था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसे अपनी ही सर्विस राइफल से गोली लगी। गोली चलने की आवाज सुनकर यूनिट के अन्य जवान मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल शंकर को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

जांच में आत्महत्या की आशंका, लेकिन अंतिम फैसला रिपोर्ट के बाद

घटना की सूचना मिलते ही सेना के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस ने शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही होगा।

एक महीने पहले पत्नी की मौत से था परेशान

महेंद्रगढ़ पुलिस के अनुसार, करीब एक महीने पहले शंकर की पत्नी की भी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद वह मानसिक तनाव में चल रहा था। पत्नी के परिजनों ने उस समय शंकर और उसके परिवार पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि पुलिस के मुताबिक यह शिकायत बाद में कोर्ट के माध्यम से वापस ले ली गई थी।

16 महीने की नौकरी बची थी, पिता भी हैं पूर्व सैनिक

शंकर भारतीय सेना में अग्निवीर क्लर्क के पद पर कार्यरत था। ग्रामीणों के अनुसार उसकी नौकरी के करीब 16 महीने शेष थे। उसके पिता दीप सिंह भी सेना से जुड़े रहे हैं। परिवार में माता-पिता के अलावा दो बहनें और एक भाई हैं। गांव में जवान की मौत की खबर से शोक का माहौल है।

पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचेगा पार्थिव शरीर

सेना की औपचारिक प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के बाद शंकर का पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा जाएगा। परिवार के अनुसार उसका अंतिम संस्कार महेंद्रगढ़ के पैतृक गांव सोहड़ी में किया जाएगा।