मनीषा मर्डर केस में गिरफ्तार दोनों शूटर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर

मनीषा मित्तल हत्याकांड में गिरफ्तार दोनों शूटर 7 दिन के रिमांड पर हैं। पुलिस हत्या के पीछे साजिश रचने वाले और मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।

मनीषा मर्डर केस में गिरफ्तार दोनों शूटर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर

• मनीषा मर्डर केस में गिरफ्तार दोनों शूटर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर

• पुलिस पता लगाएगी कि हत्या किसके इशारे पर करवाई गई

• भाई हिमांक मित्तल बोला- हत्या से कोई लेना-देना नहीं, मुझ पर भी हमला हुआ


हरियाणा की स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शिमला पुलिस ने मामले में गिरफ्तार दोनों शूटरों को अदालत में पेश कर 7 दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि मनीषा मित्तल की हत्या किसके इशारे पर की गई और इसके पीछे पूरा षड्यंत्र क्या था।

पुलिस के अनुसार अब तक इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस में मनीषा के भाई हिमांक मित्तल, उनके पार्टनर गोविंद, पति डॉ. सुभाष यादव समेत करीब 20 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। गिरफ्तार किए गए शूटरों की पहचान झज्जर के दुजाना निवासी आशीष अहलावत (22) और रोहतक के सुनियारा निवासी दीपक (25) के रूप में हुई है।

जांच के मुताबिक दोनों आरोपियों ने 13 जून को शिमला स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल परिसर में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि मनीषा का अपने भाई हिमांक मित्तल के साथ स्कूल की संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।

मनीषा मित्तल मर्डर केस में पकड़े गए शूटरों को कोर्ट में पेश करती शिमला पुलिस।

पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी हरियाणा नंबर की एक सफेद स्विफ्ट कार में शिमला पहुंचे थे। पहचान छिपाने के लिए गाड़ी पर हिमाचल प्रदेश की फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। वारदात के दौरान दोनों ने फेस मास्क पहन रखा था।

घटना के प्रत्यक्षदर्शी सिक्योरिटी गार्ड यशपाल के अनुसार मनीषा मित्तल कुछ समय के लिए स्कूल परिसर से बाहर गई थीं। वापस लौटते समय दो नकाबपोश युवक उनके पास पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए।

शिमला स्कूल परिसर के बाहर पड़ी मनीषा मित्तल की लाश। और अंदर जांच करती पुलिस। फाइल फोटो

एएसपी अभिषेक ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी मुख्य सड़क की बजाय लिंक रोड के रास्ते फरार हुए थे। पूछताछ में दोनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो पिस्तौल भी बरामद की हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मनीषा मित्तल को सिर में तीन गोलियां मारी गई थीं। इनमें से दो गोलियां आरपार निकल गईं, जबकि एक गोली सिर में ही फंसी रह गई थी।

इधर, मामले में संदेह के घेरे में आए मनीषा के भाई हिमांक मित्तल ने एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। हिमांक ने कहा कि उनका इस हत्या से कोई संबंध नहीं है और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

हिमांक मित्तल ने दावा किया कि एक जून को उन पर भी हमला हुआ था, जिसमें उनके हाथ और पैर की हड्डियां टूट गई थीं। उन्होंने कहा कि वह अस्पताल में भर्ती रहे और फिलहाल घर पर उपचार ले रहे हैं।

शिमला का सरस्वती पैराडाइज स्कूल, जिसको लेकर भाई-बहन में प्रॉपर्टी विवाद है।

वीडियो में हिमांक ने कहा कि मनीषा मित्तल के साथ उनकी कोई दुश्मनी नहीं थी। मीडिया में चल रही उन खबरों को भी उन्होंने गलत बताया, जिनमें संपत्ति विवाद के चलते हत्या करवाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि मूल रूप से रोहतक निवासी मनीषा मित्तल (42) का अपने भाई हिमांक के साथ स्कूल संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। वहीं पति डॉ. सुभाष यादव के साथ भी उनका पारिवारिक विवाद अदालत में लंबित था। इस मामले की कई परतों को जोड़कर पुलिस अब हत्या की साजिश का पूरा सच सामने लाने में जुटी है।