खट्टर ने फिर हुड्डा को दी राजनीति से संन्यास लेने की सलाह
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल में फिर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी। उन्होंने NEET विवाद, जनसंख्या और महंगाई पर भी बयान दिया।
- मनोहर लाल खट्टर ने फिर भूपेंद्र हुड्डा को दी संन्यास लेने की सलाह
- करनाल में बोले- हुड्डा की उम्र में पहुंचकर मैं राजनीति छोड़ दूंगा
- NEET विवाद, जनसंख्या और महंगाई पर भी केंद्रीय मंत्री ने रखी राय
करनाल: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक बार फिर कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी है। पिछले तीन दिनों में यह दूसरा मौका है जब खट्टर ने हुड्डा की उम्र और राजनीति को लेकर टिप्पणी की है।
रविवार को करनाल में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जिस उम्र में आज भूपेंद्र सिंह हुड्डा हैं, उस उम्र में वह स्वयं राजनीति से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने कहा कि हुड्डा उम्र में उनसे बड़े हैं। गौरतलब है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा वर्तमान में 78 वर्ष के हैं, जबकि मनोहर लाल खट्टर 72 वर्ष के हैं।
इससे पहले भी खट्टर द्वारा हुड्डा को संन्यास लेने की सलाह दिए जाने पर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी। वहीं भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले ही इस बयान पर पलटवार करते हुए कह चुके हैं कि मनोहर लाल खुद संन्यास लें। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी अब और तेज होती दिखाई दे रही है।
करनाल दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का छोटा काफिला भी चर्चा में रहा। आमतौर पर छह से सात गाड़ियों के साथ चलने वाले खट्टर इस बार केवल तीन गाड़ियों के काफिले के साथ कार्यक्रमों में पहुंचे।
उन्होंने सबसे पहले करनाल मेयर रेणु बाला गुप्ता के घर पहुंचकर उनकी जेठानी ऊषा के निधन पर शोक व्यक्त किया। इसके बाद वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके कार्यकर्ताओं के निरंतर प्रशिक्षण और जनता से जुड़े रहने पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय कार्यकर्ता ही सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का सबसे मजबूत माध्यम होते हैं। जनसंपर्क ही राजनीति की सबसे बड़ी ताकत है और भाजपा इसी मॉडल पर लगातार काम कर रही है।
मीडिया से बातचीत के दौरान NEET पेपर लीक विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और इस पूरे मामले में शामिल दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने छात्रों से धैर्य बनाए रखने की अपील भी की।
=जनसंख्या से जुड़े सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की जनसंख्या देश के लिए अभिशाप नहीं बल्कि सबसे बड़ी पूंजी है।उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के दौर में जनसंख्या को बोझ माना जाता था, लेकिन आज भारत की युवा आबादी ही देश के विकास की सबसे बड़ी ऊर्जा बन रही है।
बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर पूछे गए सवाल पर मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस और पेट्रोलियम पदार्थों के आयात पर असर पड़ा है, जिसकी वजह से कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम अपनाना देशहित में जरूरी और जिम्मेदार कदम हो सकता है। कोविड काल में देश ने तकनीक की ताकत को महसूस किया और वर्चुअल कार्य प्रणाली को सफलतापूर्वक अपनाया था। हालांकि जो काम ऑन साइट जरूरी हैं, उन्हें बाहर जाकर ही करना होगा।
Akhil Mahajan