नारनौल में खनन घोटाले में क्लर्क गिरफ्तार, 16 आरोपी पकड़े गए फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों का खेल

नारनौल में अवैध खनन घोटाले में ACB ने माइनिंग विभाग के क्लर्क को गिरफ्तार किया है। अब तक 16 आरोपी पकड़े जा चुके हैं और जांच में 21 लाख रुपए के नुकसान का खुलासा हुआ है।

नारनौल में खनन घोटाले में क्लर्क गिरफ्तार, 16 आरोपी पकड़े गए फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों का खेल

नारनौल में अवैध खनन घोटाले में क्लर्क गिरफ्तार
फर्जी दस्तावेजों से सरकार को लाखों का नुकसान
अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी



हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में अवैध खनन से जुड़े बड़े घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए माइनिंग विभाग के क्लर्क चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई है, जिसमें सरकारी राजस्व को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।इससे पहले करीब दस दिन पूर्व इसी मामले में सहायक खनन अधिकारी को पंचकूला से गिरफ्तार किया गया था। अब तक इस पूरे मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।जांच में खुलासा हुआ है कि खनन विभाग के कुछ अधिकारी और कर्मचारी वाहन मालिकों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहे थे। ये लोग राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के आदेशों की अनदेखी करते हुए कम जुर्माना वसूलकर वाहनों को छोड़ देते थे। इस तरह से अवैध खनन के मामलों को दबाया जा रहा था।नारनौल का विजिलेंस कार्यालय।

सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में 4 लाख रुपए तक के जुर्माने को घटाकर 2 लाख या उससे भी कम कर दिया गया, जिसके कारण सरकार को करीब 21 लाख रुपए का वित्तीय नुकसान हुआ। इस खेल में वाहन मालिकों द्वारा फर्जी शपथ पत्र और गलत मूल्यांकन दस्तावेज पेश किए जाते थे, जिन्हें विभागीय अधिकारियों ने बिना सत्यापन के स्वीकार कर लिया।इस पूरे घोटाले में कुल 17 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, नारनौल के एसीबी कार्यालय में जांच करते हुए अधिकारी। - Dainik Bhaskarजिनमें तत्कालीन खनन अधिकारी, सहायक खनन अभियंता, लिपिक और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। जांच एजेंसी ने इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार क्लर्क से पूछताछ जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा। एजेंसी का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।