मोटापा बन सकता है 13 तरह के कैंसर की वजह, विशेषज्ञों ने किया अलर्ट
विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा 13 तरह के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन में शरीर की बढ़ती चर्बी को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बताया गया है।
मोटापा 13 तरह के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है
■ विशेषज्ञों ने हार्मोनल बदलाव और सूजन को बताया बड़ा कारण
■ अध्ययन में 79 हजार से ज्यादा मरीजों के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया
बदलती जीवनशैली, खराब खानपान और घटती शारीरिक गतिविधियों के कारण लोगों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। अब विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शरीर पर बढ़ती अतिरिक्त चर्बी सिर्फ दिखावट खराब नहीं करती, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। हालिया अध्ययन में पाया गया है कि मोटापा कम से कम 13 तरह के कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मोटापा शरीर में हार्मोनल असंतुलन, सूजन और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी गड़बड़ियों को बढ़ाता है। यही बदलाव धीरे-धीरे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को कई गुना बढ़ा देते हैं।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों द्वारा किए गए अध्ययन में 79,271 मरीजों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में सामने आया कि कैंसर के इलाज के लिए आने वाले आधे से ज्यादा मरीज पहले मोटापे का शिकार रह चुके थे। विशेषज्ञों ने कहा कि मोटापे की भूमिका कैंसर में पहले से कहीं ज्यादा गंभीर है।
वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड की डॉ. हेलेन क्रॉकर ने कहा कि मरीजों के इलाज के दौरान केवल उनकी मौजूदा सेहत ही नहीं, बल्कि मोटापे की पुरानी हिस्ट्री को भी ध्यान में रखना जरूरी है। वहीं कैंसर विशेषज्ञ प्रोफेसर साइमन लॉर्ड की टीम ने पाया कि पहले का बढ़ा वजन इलाज की सफलता को भी प्रभावित कर सकता है।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि कुछ कैंसर में मोटापे की दर ज्यादा देखने को मिली। इनमें स्तन कैंसर, गर्भाशय कैंसर और त्वचा कैंसर शामिल हैं। जबकि पैंक्रियाटिक, फेफड़ों और आंत के कैंसर में इलाज शुरू होने तक वजन कम होने जैसे लक्षण अधिक पाए गए।
विशेषज्ञों के अनुसार, मोटापा शरीर में लगातार सूजन और हार्मोन के स्तर में बदलाव पैदा करता है। इससे कोशिकाओं की सामान्य प्रक्रिया प्रभावित होती है और कैंसर कोशिकाओं के विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है।
इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर ने 2016 में ही 13 ऐसे कैंसरों की पहचान की थी जिनका संबंध मोटापे से पाया गया। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि हर मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति को कैंसर होगा, ऐसा जरूरी नहीं है। लेकिन यह खतरे को बढ़ाने वाला एक बड़ा कारण जरूर हो सकता है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और वजन को नियंत्रित रखकर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इन कैंसरों का खतरा बढ़ा सकता है मोटापा:
- स्तन कैंसर
- आंत का कैंसर
- किडनी कैंसर
- लिवर कैंसर
- एंडोमेट्रियल कैंसर
- ओवेरियन कैंसर
- पेट का कैंसर
- थायरॉइड कैंसर
- भोजन नली का कैंसर
- पित्ताशय और अग्नाशय का कैंसर
- मल्टीपल मायलोमा
- गंभीर प्रोस्टेट कैंसर
- मेनिंगियोमा (ब्रेन ट्यूमर)
pooja