शाबाश! बेटियों को बचाने में हरियाणा का यह जिला नंबर वन पर, 1़000 बेटों पर 971 बेटियां

पंचकूला ने लिंगानुपात सुधार में हरियाणा में पहला स्थान हासिल किया। 1000 बेटों पर 971 बेटियों का जन्म, अवैध अबॉर्शन और भ्रूण लिंग जांच पर सख्त कार्रवाई की गई।

शाबाश! बेटियों को बचाने में हरियाणा का यह जिला नंबर वन पर, 1़000 बेटों पर 971 बेटियां
  • हरियाणा में बेटियों के जन्म में पंचकूला अव्वल
  • 1000 बेटों पर 971 बेटियों का जन्म, बड़ा सुधार दर्ज
  • एक साल में 150 से ज्यादा अवैध अबॉर्शन रोके गए


पंचकूला। लिंगानुपात सुधार के मामले में पंचकूला ने हरियाणा में पहला स्थान हासिल किया है। साल 2025 के दौरान जिले में 1000 लड़कों के मुकाबले 971 लड़कियों का जन्म दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा साल 2024 में 915 था। बीते वर्ष पंचकूला प्रदेश में तीसरे स्थान पर था, लेकिन सख्त निगरानी और प्रभावी कार्रवाई से बड़ी छलांग देखने को मिली है।

सीएमओ डॉ. मुक्ता के अनुसार, अब हर गर्भवती महिला का पहले तीन महीने में ही रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इसी वजह से अवैध और लिंग आधारित अबॉर्शन पर रोक लगाने में सफलता मिली है। साल 2024 में 12 सप्ताह के बाद 335 अबॉर्शन दर्ज हुए थे, जबकि साल 2025 में यह संख्या घटकर 151 रह गई। इससे बेटियों के जन्म का अनुपात बढ़ाने में सीधा असर पड़ा है।

डॉ. मुक्ता ने बताया कि दो डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है, जिन्होंने 12 सप्ताह के भीतर गर्भवती महिलाओं की जानकारी विभाग से छिपाई। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि हर गर्भवती का डेटा साझा करना अनिवार्य है। सख्ती के चलते साल 2025 में पहले 12 सप्ताह के भीतर रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 35 प्रतिशत बढ़ा है।

भ्रूण लिंग जांच से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अल्ट्रासाउंड सेंटर्स को हेल्थ विभाग के सर्विलांस में रखने के निर्देश दिए गए हैं। खासकर वे सेंटर निगरानी में रहेंगे, जिनके खिलाफ पहले भी शिकायतें आ चुकी हैं। छापेमारी में अवैध गतिविधियों की पुष्टि भी हुई है।

सीएमओ ने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति भ्रूण लिंग जांच की सूचना विभाग को देगा, उसे 1 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।