हरियाणा में पेट्रोल-डीजल का 7 दिन का स्टॉक बचा: एडवांस पेमेंट पर भी सप्लाई नहीं

हरियाणा में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई में देरी के कारण कई पंप ड्राई हो गए हैं, जबकि प्रदेश में 7 दिन का स्टॉक बचा होने की बात कही जा रही है।

हरियाणा में पेट्रोल-डीजल का 7 दिन का स्टॉक बचा:  एडवांस पेमेंट पर भी सप्लाई नहीं

हरियाणा में पेट्रोल-डीजल का सिर्फ 7 दिन का स्टॉक बचा
एडवांस पेमेंट के बावजूद सप्लाई में देरी, कई पंप हुए ड्राई
कुरुक्षेत्र में सिलेंडर न मिलने पर लोगों ने रोड जाम किया


 हरियाणा में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई चेन पर संकट गहराता नजर आ रहा है। प्रदेश में ईंधन का महज 7 दिन का स्टॉक बचा होने की बात सामने आई है, वहीं जमीनी हालात इससे भी ज्यादा गंभीर दिखाई दे रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि एडवांस पेमेंट करने के बावजूद तेल कंपनियां 2-3 दिन की देरी से सप्लाई दे रही हैं, जिसके चलते कई पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं।

इस स्थिति ने आम लोगों के बीच भी घबराहट पैदा कर दी है। बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंच रहे हैं। कई जगह लोग अपनी गाड़ियों की टंकी फुल करवा रहे हैं, तो कुछ लोग ड्रम और पानी के टैंक में भी ईंधन भरवाने की कोशिश कर रहे हैं। इस पैनिक खरीदारी ने हालात को और ज्यादा बिगाड़ दिया है।

पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि स्टॉक की कमी के कारण अब सरकारी विभागों को भी उधार में तेल देना बंद कर दिया गया है। उनका कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो एंबुलेंस, पुलिस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

इस बीच मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि टर्मिनलों पर करीब 7 दिन का स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई सामान्य है। साथ ही घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का भी करीब 5 दिन का स्टॉक मौजूद है और रोजाना लगभग 2 लाख सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है।

हालांकि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग नजर आ रही है। कुरुक्षेत्र में सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने अंबाला रोड पर जाम लगा दिया। लोगों ने खाली सिलेंडर सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।

हिसार में पेट्रोल पंप संचालकों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) पर समय पर सप्लाई न देने का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि एक प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जाए, जिससे हर पेट्रोल पंप पर स्टॉक की स्थिति पर नजर रखी जा सके और सप्लाई को नियमित किया जा सके।

इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि भले ही सरकार स्थिति को नियंत्रण में बता रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतें आम जनता और सिस्टम दोनों के लिए चिंता का विषय बन चुकी हैं।