पानीपत में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शार्प शूटरों का पुलिस ने भरे बाजार में कराई परेड
पानीपत में 14 मार्च को हुई फायरिंग मामले में STF और पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सोनीपत के रहने वाले हैं और सोशल मीडिया के जरिए बहकावे में आए थे।
■ मनी एक्सचेंज फायरिंग के तीनों आरोपी गिरफ्तार
■ लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी, शार्प शूटर कनेक्शन
■ पुलिस ने भरे बाजार में आरोपियों की कराई परेड
पानीपत। हरियाणा के पानीपत में मनी एक्सचेंज ऑफिस पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली है। इसके साथ ही पुलिस ने इन आरोपियों को भरे बाजार में परेड कराकर सख्त संदेश भी दिया है।
पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) हरियाणा की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों संदीप, कुणाल और कृष्ण को गिरफ्तार किया, जो सोनीपत के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया है कि ये तीनों युवक गैंग के शार्प शूटर के तौर पर इस्तेमाल किए गए थे, हालांकि इनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों को सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया गया और उन्हें वारदात को अंजाम देने के लिए उकसाया गया। शक है कि गैंग के किसी हैंडलर ने इन्हें हथियार उपलब्ध कराए और इलाके में दहशत फैलाने के मकसद से यह फायरिंग करवाई गई।
वारदात के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए बिश्नोई गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ली, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश के पीछे कौन लोग शामिल हैं और क्या आरोपियों को इसके बदले कोई आर्थिक लाभ दिया गया था।
घटना के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों आरोपियों की भरे बाजार में परेड कराई। इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा और आम जनता के बीच यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई कि अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा और पूछताछ के दौरान कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। साथ ही, बिश्नोई गैंग के स्थानीय और अंतरराज्यीय नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अंजान लोगों के बहकावे में न आएं, क्योंकि छोटे लालच के कारण उनका भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
जांच में सामने आया है कि ये तीनों युवक किसी बड़े गैंग के सक्रिय सदस्य नहीं थे, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आए और लालच में आकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस को शक है कि गैंग के किसी हैंडलर ने इन्हें निर्देश दिए और हथियार भी उपलब्ध कराए।
बताया जा रहा है कि फायरिंग का मकसद इलाके में दहशत फैलाना और दबाव बनाना था। वारदात के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ली, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि वे गैंग के झांसे में आकर अपराध की दुनिया में कदम रख बैठे। अब पुलिस इनसे पूछताछ कर यह जानने में जुटी है कि इस पूरी साजिश के पीछे कौन लोग हैं और क्या उन्हें किसी प्रकार का आर्थिक लाभ दिया गया था।
तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, जहां उनसे गहन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां इस केस में गैंग के नेटवर्क, फंडिंग और स्थानीय कनेक्शन को खंगाल रही हैं, ताकि मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अंजान लोगों के संपर्क में आने से बचें, क्योंकि ऐसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपराधी गिरोह युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
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