टटीरी सॉन्ग विवाद में निदेशकों का बड़ा बयान, बादशाह पर डाली जिम्मेदारी

टटीरी सॉन्ग विवाद में निदेशकों संधू ब्रदर्स ने लिरिक्स से पल्ला झाड़ते हुए जिम्मेदारी बादशाह और उनकी टीम पर डाली। सभी कलाकारों को वयस्क बताते हुए वीडियो को विवाद के बाद यूट्यूब से हटा दिया गया।

टटीरी सॉन्ग विवाद में निदेशकों का बड़ा बयान, बादशाह पर डाली जिम्मेदारी

टटीरी सॉन्ग विवाद में निदेशकों ने झाड़ा पल्ला, बोले- लिरिक्स से हमारा कोई लेना-देना नहीं
वीडियो में सभी कलाकार वयस्क, आधार से कराया गया सत्यापन
विवाद बढ़ने पर बादशाह ने खुद यूट्यूब से हटाया वीडियो


पानीपत में चर्चित टटीरी सॉन्ग विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। सिंगर और रैपर बादशाह के लिए मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं, क्योंकि इस बार उनके खिलाफ कोई बाहरी पक्ष नहीं बल्कि खुद गाने के निदेशक संधू ब्रदर्स ने हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) के सामने ऐसी सफाई दी है, जिससे पूरा मामला सीधे गायक और उनकी टीम पर केंद्रित होता दिख रहा है।

गाने में स्कूली छात्राओं के चित्रण और कथित आपत्तिजनक बोलों को लेकर उठे विवाद के बीच, निदेशक महावीर सिंह संधू (माही संधू) और जोबन संधू ने स्पष्ट कहा कि उनकी भूमिका केवल तकनीकी और दृश्य निर्देशन तक सीमित थी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि गीत के बोल, उसकी थीम और रचना पूरी तरह बादशाह और उनकी टीम की जिम्मेदारी थी, जिसमें उनका कोई हस्तक्षेप नहीं था।निदेशकों ने आयोग को दिए जवाब में साफ किया कि उन्हें लिरिक्स में किसी भी तरह का संशोधन या संपादकीय अधिकार नहीं था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज के संगीत में इस तरह की भाषा शैली एक सामान्य प्रस्तुति का हिस्सा बन चुकी है। आयोग ने यह जवाब उन सभी शिकायतकर्ताओं को भेज दिया है, जिन्होंने इस गाने के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

टटीरी सॉन्ग के प्रमोशन के दौरान रैपर बादशाह के साथ सिमरन जागलान।

विवाद का एक बड़ा पहलू यह भी था कि वीडियो में स्कूली छात्राओं के रूप में दिख रही लड़कियों की उम्र को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस पर निदेशकों ने साफ कहा कि वीडियो में एक भी नाबालिग कलाकार शामिल नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सभी कलाकार 18 वर्ष से अधिक उम्र के पेशेवर डांसर हैं, जिनका सत्यापन आधार कार्ड के जरिए किया गया था।

आयोग को 15 महिला कलाकारों की सूची भी सौंपी गई, जिसमें संचारी चक्रवर्ती, मानसवी सिंह, शिवानी निगम और अलका कुमारी जैसे नाम शामिल हैं।वीडियो में छात्राओं द्वारा स्कूल बैग फेंककर डांस करने वाले दृश्य पर उठे विवाद पर निदेशकों ने इसे केवल प्रतीकात्मक और कलात्मक प्रस्तुति बताया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य शिक्षा का अपमान नहीं, बल्कि युवा ऊर्जा और रचनात्मक स्वतंत्रता को दिखाना था।साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूल यूनिफॉर्म का इस्तेमाल केवल एक कॉस्ट्यूम के रूप में किया गया, जिसका किसी वास्तविक स्कूल या संस्थान से कोई संबंध नहीं है।

निदेशकों ने आयोग को बताया कि विवाद और सामाजिक संवेदनशीलता को देखते हुए बादशाह ने खुद यह वीडियो यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा लिया। इसे उन्होंने एक जिम्मेदार कदम बताया और कहा कि वे आयोग के किसी भी निर्देश या सुधार के लिए तैयार हैं।वीडियो में हरियाणा रोडवेज जैसी दिखने वाली बस के उपयोग पर भी सवाल उठे थे। इस पर निदेशकों ने बताया कि लाइन प्रोड्यूसर 'करण फिल्म प्रोडक्शन' द्वारा विधिवत अनुमति ली गई थी और संबंधित विभाग को शुल्क भी अदा किया गया था।