11 साल बाद जेल से बाहर आया रामपाल, हिसार से सीधे आश्रम पहुंचा, हाईकोर्ट से मिली जमानत

रामपाल 11 साल बाद हिसार जेल से रिहा हुआ। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह सोनीपत के आश्रम पहुंचा, कोर्ट ने सख्त शर्तें भी लगाईं।

11 साल बाद जेल से बाहर आया रामपाल, हिसार से सीधे आश्रम पहुंचा, हाईकोर्ट से मिली जमानत

11 साल 4 महीने बाद जेल से बाहर आया रामपाल
हिसार जेल से निकलकर सोनीपत के आश्रम पहुंचा
हाईकोर्ट ने सख्त शर्तों के साथ दी जमानत


हरियाणा के हिसार स्थित सेंट्रल जेल से सतलोक आश्रम मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा रामपाल शुक्रवार को 11 साल 4 महीने 24 दिन बाद रिहा हो गया। वह हिसार की सेंट्रल जेल-2 से बाहर निकला और परिवार के सदस्य उसे लेने के लिए 7 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे थे।

हिसार सेंट्रल जेल-2 से निकलता रामपाल का काफिला।

जेल से बाहर निकलते समय रामपाल सफेद रंग की फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार था, जिसकी खिड़कियों पर सफेद पर्दे लगे हुए थे। कड़ी सुरक्षा के बीच उसे जेल से बाहर निकाला गया। रिहाई को देखते हुए जेल परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था।

रामपाल के जेल से बाहर निकलने से पहले उसकी दो महिला भक्त पहुंचीं। दोनों ने गेट के सामने दंडवत होकर प्रणाम किया।

रिहाई के बाद रामपाल सीधे सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र स्थित धनाना आश्रम पहुंचा, जहां वह फिलहाल रहेगा। इसकी पुष्टि उसके भतीजे युद्धवीर ने की। जेल के बाहर उसकी महिला अनुयायी भी पहुंचीं और उन्होंने गेट के सामने दंडवत प्रणाम किया।

रामपाल को 8 अप्रैल को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। कोर्ट के आदेश के बाद उसके वकीलों ने हत्या के दो मामलों में 5-5 लाख रुपये के बेल बॉन्ड जमा करवाए, जिसके बाद उसकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ।

यह मामला नवंबर 2014 का है, जब हाईकोर्ट ने रामपाल को कोर्ट की अवमानना के मामले में पेश होने के आदेश दिए थे, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। इसके बाद 19 नवंबर 2014 को पुलिस उसे गिरफ्तार करने हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम पहुंची थी।

इस दौरान पुलिस और रामपाल समर्थकों के बीच हिंसक टकराव हुआ, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी और कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद रामपाल को गिरफ्तार कर लिया गया था।

वर्ष 2018 में हिसार की अदालत ने रामपाल को दोषी ठहराते हुए हत्या समेत कई धाराओं में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस मामले में उसके खिलाफ देशद्रोह का मामला भी दर्ज किया गया था।

19 नवंबर 2014 को रामपाल को गिरफ्तार किया गया था। वह हिसार की सेंट्रल जेल में बंद है।-फाइल

जमानत पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने इसका विरोध किया और कहा कि रामपाल पर गंभीर आरोप हैं और उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए। वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि रामपाल लंबे समय से जेल में है, ट्रायल धीमा चल रहा है और उसकी उम्र लगभग 78 वर्ष है।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि मामला जमानत योग्य है। हालांकि अदालत ने सख्त शर्तें भी लगाईं हैं। रामपाल को किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठा करने या ऐसी गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। शर्तों का उल्लंघन होने पर उसकी जमानत रद्द की जा सकती है।