मूड खराब होते ही लगती है भूख? जानिए स्ट्रेस ईटिंग के संकेत और बचाव

तनाव में बार-बार खाने की इच्छा क्यों होती है, स्ट्रेस ईटिंग के लक्षण, नुकसान और इससे बचने के आसान उपाय जानिए। एक्सपर्ट्स की सलाह से अपनी खान-पान की आदतों को बेहतर बनाएं।

मूड खराब होते ही लगती है भूख? जानिए स्ट्रेस ईटिंग के संकेत और बचाव
  • तनाव और भावनात्मक दबाव के कारण बार-बार खाने की इच्छा होना स्ट्रेस ईटिंग का संकेत हो सकता है
  • मीठा, जंक फूड और बिना भूख के खाना स्ट्रेस ईटिंग के प्रमुख लक्षण माने जाते हैं
  • योग, पर्याप्त नींद और हेल्दी स्नैकिंग अपनाकर इस आदत पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और भावनात्मक उतार-चढ़ाव का असर सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह हमारी खाने की आदतों को भी प्रभावित करता है। कई लोगों को तनाव या उदासी के समय बार-बार कुछ खाने का मन करता है। इसे सामान्य भूख नहीं बल्कि स्ट्रेस ईटिंग कहा जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रेस ईटिंग ऐसी स्थिति होती है, जब व्यक्ति शारीरिक भूख के बजाय भावनात्मक कारणों से खाना शुरू कर देता है। इस दौरान अधिकतर लोगों का झुकाव मीठे, तले-भुने और हाई कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों की ओर होता है। तनाव के समय शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिससे भूख और खाने की इच्छा भी बढ़ जाती है।

बार-बार खाने का मन क्यों करता है?

तनाव और चिंता के दौरान दिमाग ऐसी चीजों की तलाश करता है, जिससे तुरंत राहत या खुशी महसूस हो। ऐसे में पसंदीदा भोजन कुछ समय के लिए मूड बेहतर करता है और व्यक्ति बार-बार खाने लगता है।

भावनात्मक भूख भी इसका एक बड़ा कारण है। कई बार पेट भरा होने के बावजूद व्यक्ति सिर्फ अपनी भावनाओं के कारण खाने की इच्छा महसूस करता है। यह शरीर की जरूरत नहीं बल्कि मानसिक स्थिति का प्रभाव होता है।

नींद की कमी भी भूख बढ़ाने वाले हार्मोन को प्रभावित करती है। इससे मीठा, जंक फूड और अधिक कैलोरी वाले भोजन की लालसा बढ़ सकती है।

इसके अलावा बोरियत और अकेलापन भी कई लोगों में बिना जरूरत बार-बार खाने की आदत विकसित कर देता है, जो धीरे-धीरे नियमित व्यवहार बन सकता है।

स्ट्रेस ईटिंग के प्रमुख संकेत

अगर बिना भूख के बार-बार खाना, तनाव के समय जरूरत से ज्यादा भोजन करना, मीठा और जंक फूड खाने की तीव्र इच्छा होना, खाने के बाद अपराधबोध महसूस करना, खाने पर नियंत्रण न रख पाना और दिनभर बार-बार स्नैकिंग करना जैसी आदतें दिख रही हैं, तो यह स्ट्रेस ईटिंग के संकेत हो सकते हैं।

लंबे समय तक जारी रही तो बढ़ सकती हैं समस्याएं

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्ट्रेस ईटिंग की आदत लंबे समय तक बनी रहे तो इससे वजन बढ़ना, मोटापा, ब्लड शुगर बढ़ना, पाचन संबंधी समस्याएं, आत्मविश्वास में कमी और अनहेल्दी ईटिंग हैबिट्स जैसी कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

ऐसे करें स्ट्रेस ईटिंग पर नियंत्रण

तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन, वॉकिंग और गहरी सांस लेने जैसी गतिविधियों को रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करें। जब भी बीच-बीच में खाने का मन करे, तब फल, नट्स, स्प्राउट्स या अन्य हेल्दी स्नैक्स चुनें।

दिनभर क्या और कब खा रहे हैं, इसका रिकॉर्ड रखने से अपनी खाने की आदतों को समझने में मदद मिलती है। इसके साथ ही रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेना भी जरूरी है, क्योंकि इससे भूख और तनाव से जुड़े हार्मोन संतुलित रहते हैं।

खाली समय में किताब पढ़ना, एक्सरसाइज करना या अपनी पसंद का कोई रचनात्मक काम करना भी अनावश्यक खाने की आदत को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

यदि खाने की आदत पर लगातार नियंत्रण नहीं रह रहा है, तेजी से वजन बढ़ रहा है या तनाव और चिंता लंबे समय तक बनी हुई है, तो डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।