वरिष्ठ IPS अधिकारी Y. पूरन कुमार की रहस्यमयी मौत, पंजाब में आक्रोश

वरिष्ठ IPS अधिकारी Y. पूरन कुमार की रहस्यमयी मौत ने पंजाब में उबाल पैदा कर दिया है। AAP ने हरियाणा सरकार से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करते हुए राज्यभर में कैंडल मार्च की घोषणा की।

वरिष्ठ IPS अधिकारी Y. पूरन कुमार की रहस्यमयी मौत, पंजाब में आक्रोश

➤वरिष्ठ IPS अधिकारी Y. पूरन कुमार की रहस्यमयी मौत
➤AAP ने हरियाणा सरकार से उठाए पांच बड़े सवाल
➤पूरे पंजाब में कैंडल मार्च और जन आंदोलन


पंजाब में दलित समाज से आने वाले वरिष्ठ IPS अधिकारी Y. पूरन कुमार की रहस्यमयी मौत ने राज्य की जनता में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। उनके निधन के बाद, पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार में हुई देर और अनियमितताओं ने सवालों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। AAP ने हरियाणा सरकार की चुप्पी पर कड़ा सवाल उठाया और इसे सिर्फ एक अफसर की मौत नहीं बल्कि न्याय और समानता की लड़ाई बताया।

पूरन कुमार के परिवार की पीड़ा अब जन-आवाज बन चुकी है। पार्टी ने पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की है। इस मार्च में मंत्री, विधायक और पार्टी नेता शामिल होंगे, जो जनता की भावनाओं को सीधे सरकार तक पहुंचाएंगे। AAP ने इसे डॉ. भीमराव अंबेडकर के न्याय और समानता के विचारों से जोड़ा है और कहा कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक चेतना का प्रतीक है।

हरियाणा सरकार से AAP के पांच बड़े सवाल उठाए गए हैं:

  1. क्या दलित IPS अधिकारी की मौत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी

  2. पोस्टमार्टम में देरी और दस्तावेज़ों में गड़बड़ी के लिए कौन ज़िम्मेदार है

  3. सरकार अब तक परिवार से मिलने क्यों नहीं पहुंची

  4. क्या उच्च स्तर की जांच टीम गठित की जाएगी

  5. दलित अफसरों के सम्मान की सुरक्षा के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी

राज्यभर में आयोजित इंसाफ मार्च का नेतृत्व अमृतसर में हरभजन सिंह ETO, जालंधर में मोहिंदर भगत, पटियाला में MLA गुरदेव देवमान और चंडीगढ़ में वरिष्ठ नेता करेंगे। यह सिर्फ प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं बल्कि सत्ता की चुप्पी के खिलाफ जनता की आवाज़ है।

लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि अगर वरिष्ठ अधिकारी को इंसाफ नहीं मिल रहा, तो आम नागरिक की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। AAP ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक पूरन कुमार को न्याय नहीं मिलता।