नरक में आपका स्वागत है, ईरान में सेना उतारने की तैयारी में अमेरिका को मिली धमकी
अमेरिका द्वारा ईरान में जमीनी ऑपरेशन की संभावनाओं के बीच तेहरान टाइम्स ने ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है।
■ ईरान में जमीनी ऑपरेशन पर अमेरिका विचार कर रहा, 10 हजार सैनिकों की तैनाती की चर्चा
■ तेहरान टाइम्स ने ट्रंप को दी चेतावनी- ‘नरक में आपका स्वागत है’
■ मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से वैश्विक हालात और गंभीर
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब अमेरिका और ईरान के बीच टकराव खतरनाक मोड़ लेता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के संभावित फैसलों को लेकर अटकलें तेज हैं कि अमेरिका ईरान में जमीनी ऑपरेशन पर विचार कर सकता है। इसी बीच ईरान के प्रमुख अंग्रेजी अखबार Tehran Times ने ट्रंप को सीधी और तीखी चेतावनी देते हुए माहौल और गर्मा दिया है।
तेहरान टाइम्स ने अपने फ्रंट पेज पर अमेरिकी सैनिकों की तस्वीर के साथ बड़े अक्षरों में लिखा— ‘Welcome to Hell’ (नरक में आपका स्वागत है)। अखबार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर कोई भी अमेरिकी सैनिक ईरान की जमीन पर कदम रखता है, तो वह जिंदा वापस नहीं लौटेगा। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर किया है।
दरअसल, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में करीब 10,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहा है। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि वाशिंगटन संभावित जमीनी युद्ध की तैयारी कर रहा है। हालांकि इस मुद्दे पर जब ट्रंप से सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जिससे स्थिति और अधिक अनिश्चित हो गई है।
Special issue of the Tehran Times
Stay tuned for straight truth pic.twitter.com/GGXRGuFkMv — Tehran Times (@TehranTimes79) March 27, 2026
Iran और United States के बीच यह तनातनी ऐसे समय में बढ़ी है जब क्षेत्र पहले से ही अस्थिर है। ईरान की ओर से दी गई सख्त चेतावनी यह संकेत देती है कि अगर हालात और बिगड़े, तो यह संघर्ष बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।
ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि ईरान बातचीत के लिए दबाव में है, लेकिन दूसरी ओर सैन्य तैयारियों की खबरें इस दावे के विपरीत नजर आती हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर गंभीर संकट की ओर इशारा कर रही है।
फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह तनाव केवल बयानबाजी तक सीमित रहेगा या वास्तव में जमीनी संघर्ष की ओर बढ़ेगा।
Akhil Mahajan