सिर्फ 2 दिन में पूरी करें मां वैष्णो देवी यात्रा, जानिए पूरा प्लान
सिर्फ 2 दिन में मां वैष्णो देवी यात्रा कैसे पूरी करें, जानिए कटरा से भवन तक का रूट, यात्रा का खर्च, हेलीकॉप्टर सुविधा और जरूरी जानकारी।
सिर्फ 2 दिन में पूरी की जा सकती है मां वैष्णो देवी की यात्रा
कटरा से भवन तक 13 किलोमीटर की चढ़ाई, रास्ते में सभी सुविधाएं उपलब्ध
हेलीकॉप्टर, बैटरी कार और घोड़े की सुविधा से यात्रा हो सकती है आसान
मां वैष्णो देवी का पवित्र धाम देश के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। जम्मू-कश्मीर के त्रिकुट पर्वत पर स्थित इस मंदिर में हर साल करोड़ों श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। समय की कमी के कारण कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या सिर्फ दो दिनों में वैष्णो देवी यात्रा पूरी की जा सकती है। अच्छी बात यह है कि सही योजना और समय प्रबंधन के साथ यह यात्रा आराम से दो दिनों में पूरी की जा सकती है।
यदि श्रद्धालु पहले दिन सुबह या दोपहर तक कटरा पहुंच जाते हैं, तो शाम को यात्रा शुरू कर रात तक माता वैष्णो देवी भवन पहुंच सकते हैं। दर्शन के बाद कुछ समय विश्राम कर अगले दिन भैरव बाबा मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं। इसके बाद दोपहर तक वापस कटरा लौटकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुआ जा सकता है।
रेल मार्ग सबसे सुविधाजनक विकल्प
वैष्णो देवी यात्रा के लिए रेल मार्ग को सबसे सुविधाजनक और किफायती माना जाता है। मंदिर के सबसे नजदीक श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन स्थित है। दिल्ली सहित देश के कई प्रमुख शहरों से यहां के लिए सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं। वंदे भारत और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें यात्रा को तेज और आरामदायक बनाती हैं।
फ्लाइट से भी पहुंच सकते हैं आसानी से
कम समय में यात्रा पूरी करने वाले श्रद्धालुओं के लिए हवाई यात्रा बेहतर विकल्प है। निकटतम जम्मू एयरपोर्ट कटरा से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। एयरपोर्ट से टैक्सी या बस के जरिए डेढ़ से दो घंटे में कटरा पहुंचा जा सकता है।
सड़क मार्ग की भी अच्छी सुविधा
दिल्ली और उत्तर भारत के कई शहरों से कटरा तक नियमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं। निजी वाहन और टैक्सी के माध्यम से भी यात्रा की जा सकती है। कटरा तक सड़क मार्ग अच्छी स्थिति में होने के कारण सफर अपेक्षाकृत आरामदायक रहता है।
कटरा से शुरू होती है असली यात्रा
कटरा पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को भवन तक लगभग 13 किलोमीटर की चढ़ाई करनी होती है। सामान्य रूप से एक स्वस्थ व्यक्ति 5 से 8 घंटे में भवन तक पहुंच सकता है। पूरे मार्ग में भोजन, पानी, चिकित्सा सहायता, शौचालय और विश्राम स्थलों की सुविधा उपलब्ध रहती है।
भैरव बाबा के दर्शन भी जरूरी
माता वैष्णो देवी भवन के दर्शन के बाद श्रद्धालु भैरव बाबा मंदिर भी जाते हैं, जो भवन से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भैरव बाबा के दर्शन के बिना यात्रा अधूरी मानी जाती है।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं
जिन श्रद्धालुओं को पैदल चलने में परेशानी होती है, उनके लिए घोड़ा, पालकी, पिट्ठू, बैटरी कार और हेलीकॉप्टर सेवा जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हेलीकॉप्टर सेवा मौसम और उपलब्धता के अनुसार संचालित की जाती है और इससे यात्रा का समय काफी कम हो जाता है।
कितना आएगा खर्च
ट्रेन से यात्रा करने वाले श्रद्धालु लगभग 3,000 से 7,000 रुपए के बजट में दो दिन की यात्रा पूरी कर सकते हैं। वहीं फ्लाइट और हेलीकॉप्टर का विकल्प चुनने पर खर्च 10,000 से 25,000 रुपए या उससे अधिक तक पहुंच सकता है। होटल, भोजन और स्थानीय परिवहन का खर्च सुविधाओं और यात्रा शैली के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
pooja