प्रेमानंद महाराज विवाद के बीच पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया से कथित मारपीट, वीडियो वायरल
प्रेमानंद महाराज पर टिप्पणी के बाद पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया से मॉल में कथित मारपीट का वीडियो वायरल हुआ। बर्गर विवाद, आंदोलन और उनके बयान पर उन्होंने अपनी सफाई भी दी।
- प्रेमानंद महाराज पर टिप्पणी के बाद पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया से मॉल में कथित मारपीट
- बर्गर खाने और आंदोलन से दूरी को लेकर युवकों ने घेरा, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
- विजेता बोले- विरोध करना मेरा अधिकार, पुलिस में शिकायत का कोई फायदा नहीं
प्रेमानंद महाराज पर की गई विवादित टिप्पणी के बाद कॉकरोच पार्टी के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच एक मॉल के बाहर उनके साथ कथित मारपीट और धक्का-मुक्की का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक उनसे प्रेमानंद महाराज पर दिए गए बयान, आंदोलन से दूरी और बर्गर खाने को लेकर सवाल करते दिखाई दे रहे हैं।
वायरल वीडियो में विजेता दहिया एक रेस्टोरेंट के बाहर नजर आते हैं। इसी दौरान दो युवक उनके पास पहुंचते हैं और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए उनसे पूछते हैं कि जब आंदोलन चल रहा है तो वे मॉल में क्या कर रहे हैं। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के साथ धक्का-मुक्की भी दिखाई देती है।
युवकों ने विजेता दहिया से कहा कि आंदोलन में शामिल छात्र मार खा रहे हैं, जबकि वह मॉल में घूम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने लोगों को आंदोलन के लिए प्रेरित किया, लेकिन खुद मौके से दूर हो गए। इस दौरान एक युवक ने कहा कि अगर किसी की मां को गाली दी जाए तो गुस्सा आता है, उसी तरह उन्होंने उनके भगवान का अपमान किया है।
इस पर विजेता दहिया ने जवाब दिया कि उन्होंने किसी को गाली नहीं दी। उनका कहना था कि वह आंदोलन स्थल पर ही जा रहे थे और पिछले 48 घंटे से वहीं मौजूद थे। हालांकि युवकों ने उनके इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि वह पूरे दिन गायब रहे।
इस विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई थी, जिसमें विजेता दहिया ने प्रेमानंद महाराज को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि वह प्रेमानंद को महाराज नहीं मानते और चाहे उन्हें जान से मार दिया जाए, फिर भी अपने विचार नहीं बदलेंगे। उन्होंने इसे अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बताया था।
विजेता दहिया ने अपने वीडियो में यह भी कहा था कि वह लड़ाकू व्यक्ति नहीं हैं और लोगों की सुरक्षा करना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रेमानंद महाराज ने आसाराम की तुलना भगवान राम और श्रीकृष्ण से की थी, जिसका उन्होंने विरोध किया।
सोशल मीडिया पर वायरल मारपीट का वीडियो 'सागर पाराशर हिंदू' नाम के अकाउंट से साझा किया गया। इसी अकाउंट से प्रेमानंद महाराज के समर्थन और कॉकरोच पार्टी को लेकर अन्य पोस्ट भी लगातार साझा की जा रही हैं। बर्गर खाने की पहले वायरल हुई वीडियो के बाद यह विवाद और अधिक चर्चा में आ गया।
दैनिक भास्कर से बातचीत में विजेता दहिया ने बताया कि सोमवार रात जंतर-मंतर से लौटते समय वह एक मॉल में टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए रुके थे। इसी दौरान पहले एक युवक सामान्य बातचीत करने लगा, लेकिन कुछ देर बाद गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मौजूद दूसरे युवक ने भी कथित मारपीट शुरू कर दी।
विजेता दहिया का कहना है कि युवकों ने उनसे कहा कि उन्होंने प्रेमानंद महाराज का अपमान किया है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि यदि कोई गलत बात करेगा तो उसका विरोध करना उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि जो लोग प्रेमानंद को महाराज मानते हैं, वे मान सकते हैं, लेकिन वह उन्हें महाराज नहीं मानते।
बर्गर विवाद पर विजेता दहिया ने कहा कि अभिजीत की कचौरी खाते हुए वीडियो भी पहले वायरल हुई थी और उस समय उन्होंने ही सार्वजनिक रूप से उनका बचाव किया था। उनका आरोप है कि उस मामले में अभिजीत दबाव में आ गए, जबकि उन्होंने हमेशा उनका समर्थन किया।
राजनीतिक स्थिति को लेकर विजेता दहिया ने कहा कि फिलहाल वह सीजेपी के सदस्य हैं और व्यक्तिगत स्तर पर आंदोलन का समर्थन जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें अभिजीत आशुतोष का फोन आया था, जिसमें उन्हें प्रवक्ता पद से हटाए जाने की जानकारी दी गई।
विजेता दहिया ने दावा किया कि उन्होंने बिना किसी आर्थिक लाभ के आंदोलन में काम किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के लिए उन्होंने अपनी जेब से खर्च किया और कई ऐसे प्रोजेक्ट भी छोड़ दिए, जिनसे उनकी आय होती थी।
मारपीट की घटना पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के सवाल पर विजेता दहिया ने कहा कि उन्हें शिकायत करने का कोई फायदा नजर नहीं आता, क्योंकि उनके अनुसार पुलिस ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं करती।
pooja