शिमला में भारी बारिश, मकानों पर गिरे 4 पेड़,बड़ा हादसा टला

शिमला के टूटीकंडी वार्ड में भारी बारिश के दौरान चार पेड़ मकानों पर गिर गए। छतें क्षतिग्रस्त हुईं, लेकिन परिवार समय रहते बाहर निकल गए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

शिमला में भारी बारिश, मकानों पर गिरे 4 पेड़,बड़ा हादसा टला
  • शिमला के टूटीकंडी वार्ड में भारी बारिश के बीच चार पेड़ मकानों पर गिरे
  • टीन की छतें क्षतिग्रस्त, समय रहते बाहर निकलने से टला बड़ा हादसा
  • स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग पर लापरवाही का लगाया आरोप

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। राजधानी शिमला के टूटीकंडी वार्ड में बुधवार सुबह भारी बारिश के दौरान ओल्ड बैरियर के पास चार पेड़ मकानों पर गिर गए। हादसे में घरों की टीन की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि समय रहते परिवार के सदस्य घरों से बाहर निकल गए, जिससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।

बुधवार सुबह करीब सात बजे टूटीकंडी वार्ड में 12 घरों की लाइन के पास अचानक चार पेड़ गिर पड़े। इनमें से दो पेड़ सीधे मकानों पर गिरे, जबकि दो अन्य पेड़ झुक गए, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

प्रभावित मकान की मालिक जसवीर कौर ने बताया कि पेड़ सीधे उनके घर की छत पर गिरा, जिससे मकान को भारी नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि परिवार के सभी सदस्य समय रहते बाहर निकल गए, इसलिए बड़ा हादसा टल गया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि ऊपर स्थित होटल और मोटर बैरियर क्षेत्र से निकलने वाला पानी लंबे समय से उनके घरों की ओर छोड़ा जा रहा है। लगातार पानी के रिसाव से जमीन कमजोर हो गई, जिसके कारण पेड़ गिर गए। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी वन विभाग को पेड़ों के खतरे और पानी की समस्या से अवगत कराया था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।

घटना की सूचना मिलते ही पूर्व पार्षद आनंद कौशल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया, जिसके बाद पेड़ काटने की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया।

आनंद कौशल ने बताया कि दो पेड़ मकानों पर गिर चुके हैं, जबकि दो अन्य पेड़ भी खतरनाक स्थिति में झुके हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन पेड़ों को जल्द हटाना जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।

पूर्व पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि मोटर बैरियर क्षेत्र की दुकानों और ऊपरी हिस्से से निकलने वाला पानी सीधे नीचे की ओर बह रहा है। लगातार पानी के रिसाव से जमीन कमजोर हो गई और पेड़ मकानों की ओर झुककर गिर गए। उन्होंने प्रशासन से स्थायी समाधान निकालने और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा व राहत देने की मांग की।