पंचकूला बैंक घोटाले के तार करनाल से जुड़े VIP नंबर की गाड़ी छोड़ महिला अधिकारी फरार
पंचकूला नगर निगम के 150 करोड़ बैंक घोटाले के तार करनाल से जुड़े। महिला अधिकारी VIP नंबर की गाड़ी छोड़कर फरार। 70 करोड़ आरोपी के खाते में ट्रांसफर हुए।
■ ₹150 करोड़ बैंक घोटाले के करनाल से जुड़े तार
■ VIP नंबर की गाड़ी छोड़ महिला अधिकारी फरार
■ आरोपी के खाते में पहुंचे 70 करोड़, कई खातों में ट्रांसफर
हरियाणा के पंचकूला नगर निगम के करीब 150 करोड़ रुपए के बैंक घोटाले के तार अब करनाल से जुड़ते नजर आ रहे हैं। चंडीगढ़ पुलिस करनाल की चौधरी कॉलोनी में डेरा डालकर एक महिला अधिकारी की तलाश में छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि महिला अधिकारी VIP नंबर की XUV गाड़ी कॉलोनी में खड़ी कर फरार हो गई।सूत्रों के अनुसार, पुलिस रातभर कॉलोनी में लोगों से पूछताछ करती रही और महिला अधिकारी की लोकेशन का पता लगाने की कोशिश कर रही है। हालांकि मामले में अभी तक पुलिस अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि नगर निगम की रकम में हेराफेरी कर करीब 70 करोड़ रुपए आरोपी रजत डागर के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके बाद यह रकम कई बिल्डर्स और निजी लोगों के खातों में आगे ट्रांसफर कर दी गई। एंटी करप्शन ब्यूरो ने रजत डागर को गिरफ्तार कर लिया है और कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 6 दिन के रिमांड पर भेजा गया है।इस मामले में इससे पहले Kotak Mahindra Bank के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। अदालत ने उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा और जानकारी छिपाने की कोशिश कर रहा है।
जांच में यह भी सामने आया कि नगर निगम और बैंक रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी है। नगर निगम के रिकॉर्ड में 145.03 करोड़ की 16 एफडी दर्ज थीं, जिनकी मैच्योरिटी राशि 158.02 करोड़ रुपए थी। लेकिन बैंक स्टेटमेंट में मैच्योरिटी के बाद खाते में 50.07 करोड़ की जगह सिर्फ 2.18 करोड़ रुपए ही मिले। बाद में खातों में कुल बैलेंस 12.86 करोड़ रुपए बताया गया।जांच एजेंसियां अब फर्जी मुहर, वाउचर, चेक और नकली स्टांप के एंगल से भी जांच कर रही हैं। इस घोटाले में उत्तर प्रदेश कनेक्शन भी सामने आया है और आरोपियों को बरामदगी के लिए यूपी ले जाया जा सकता है।जांच में दो लोगों को इस घोटाले से बड़ा आर्थिक फायदा होने की बात सामने आई है। इनमें से एक रजत डागर गिरफ्तार हो चुका है, जबकि दूसरा संदिग्ध अभी जांच में शामिल नहीं हुआ है।
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