हरियाणा निकाय चुनाव में BJP का क्लीन स्वीप, तीनों मेयर सीटों पर कब्जा
हरियाणा निकाय चुनाव में भाजपा ने पंचकूला, अंबाला और सोनीपत मेयर सीट जीत लीं। सांपला और धारूहेड़ा में भी भाजपा का कब्जा रहा, जबकि कांग्रेस का खाता खाली रहा।
- हरियाणा निकाय चुनाव में BJP ने तीनों मेयर सीटों पर दर्ज की बड़ी जीत
- सांपला और धारूहेड़ा में भी भाजपा का कब्जा, कांग्रेस का खाता नहीं खुला
- CM नायब सैनी बोले- अब जनता को हुड्डा पर भरोसा नहीं
हरियाणा निकाय चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन करते हुए तीनों नगर निगम मेयर सीटों पर कब्जा जमा लिया। पंचकूला, अंबाला और सोनीपत नगर निगम में भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कर पार्टी संगठन की मजबूत पकड़ का संदेश दिया। वहीं, कांग्रेस इस चुनाव में कोई बड़ी सीट जीतने में सफल नहीं हो पाई।
सोनीपत नगर निगम में भाजपा उम्मीदवार राजीव जैन ने जीत हासिल की। अंबाला नगर निगम में अक्षिता सैनी ने मेयर पद पर कब्जा जमाया, जबकि पंचकूला नगर निगम में भाजपा के श्यामलाल बंसल विजयी रहे। तीनों बड़े नगर निगम में मिली जीत को भाजपा 2029 विधानसभा चुनाव से पहले बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देख रही है।
नगर पालिका और नगर परिषद चुनावों में भी भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ माने जाने वाले सांपला नगर पालिका में भाजपा उम्मीदवार प्रवीण कोच ने चेयरमैन पद का चुनाव जीत लिया। इसी तरह धारूहेड़ा नगर पालिका में भाजपा के अजय जांगड़ा चेयरमैन बने। रेवाड़ी नगर परिषद में भाजपा समर्थित विनीता पीपल ने जीत दर्ज कर पार्टी की बढ़त को और मजबूत किया।
हालांकि, उकलाना नगर पालिका में कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार रीमा सोनी ने चेयरपर्सन का चुनाव जीतकर विपक्ष को राहत दी। इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने वीडियो कॉल के जरिए रीमा सोनी को बधाई दी, जिसके बाद उकलाना का परिणाम राजनीतिक चर्चाओं में बना रहा।
निकाय चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस और खासकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर सीधा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता अब हुड्डा पर भरोसा नहीं करती, इसलिए भाजपा को लगातार समर्थन मिल रहा है। भाजपा नेताओं ने इसे केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर जनता की मुहर बताया।
दूसरी ओर, पंचकूला नगर निगम चुनाव में विवाद भी देखने को मिला। कांग्रेस उम्मीदवार सुधा भारद्वाज ने EVM में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि स्ट्रॉन्ग रूम में चोर दरवाजे बनाए गए थे और मशीनों की सील टूटी हुई थीं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर हंगामा किया, जिसके चलते पंचकूला में देर शाम तक काउंटिंग प्रक्रिया चलती रही।
हालांकि प्रशासन ने सभी आरोपों को नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी होने की बात कहकर खारिज किया। इन निकाय चुनावों के नतीजों ने हरियाणा की शहरी राजनीति में भाजपा की मजबूत पकड़ को फिर साबित किया है। वहीं कांग्रेस के लिए यह परिणाम संगठनात्मक कमजोरी और स्थानीय स्तर पर नेतृत्व संकट का संकेत भी माने जा रहे हैं।
Akhil Mahajan