मोहाली में नाके पर AAP विधायक और पुलिस के बीच विवाद

मोहाली में AAP विधायक हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों को नाके पर रोकने और कथित बदसलूकी के आरोप में ASI लखबीर सिंह को SSP के आदेश पर सस्पेंड कर दिया गया।

मोहाली में नाके पर AAP विधायक और पुलिस के बीच विवाद

मोहाली में नाके पर AAP विधायक डिंपी ढिल्लों को पुलिस ने रोका

ब्लिंकर लाइट को लेकर ASI और विधायक के बीच हुआ विवाद

SSP से शिकायत के बाद ASI लखबीर सिंह सस्पेंड

पंजाब के मोहाली में नाके पर आम आदमी पार्टी के विधायक हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों और पुलिस के बीच विवाद का मामला सामने आया है। गिद्दड़बाहा से विधायक डिंपी ढिल्लों को फेज-8 थाना क्षेत्र में लगाए गए नाके पर पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद ब्लिंकर लाइट को लेकर ASI और विधायक के बीच बहस हो गई।

मामले में विधायक ने पुलिस कर्मी पर बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद मोहाली के SSP हरमंदीप सिंह हंस ने कार्रवाई करते हुए ASI लखबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया।

जानकारी के अनुसार, विधायक डिंपी ढिल्लों अपनी पत्नी और ड्राइवर जगतार के साथ खाना खाने जा रहे थे। इसी दौरान फेज-8 इलाके में पुलिस ने नाका लगाया हुआ था, जहां ASI लखबीर सिंह तैनात था।

नाके पर ASI ने विधायक की गाड़ी पर लगी ब्लिंकर लाइट को लेकर सवाल पूछे। ड्राइवर ने बताया कि गाड़ी में मौजूदा विधायक बैठे हैं और वाहन विधानसभा में रजिस्टर्ड है।

इसके बाद ASI ने विधायक का आईडी कार्ड दिखाने के लिए कहा। जब ड्राइवर मोबाइल में आईडी कार्ड दिखाने लगा तो ASI ने वहां मौजूद कांस्टेबल को निर्देश दिया कि कार्ड चेक किया जाए। उसने कहा कि अगर मौजूदा विधायक हैं तो छोड़ देना, नहीं तो चालान कर देना।

मामले की जानकारी मिलने के बाद फेज-8 थाना के SHO सतनाम सिंह मौके पर पहुंचे। विधायक ने SHO से ASI की शिकायत की। बताया जा रहा है कि SHO ने मौके पर विधायक से माफी भी मांगी।

इसके बाद विधायक ने मौके से ही SSP हरमंदीप सिंह हंस को फोन कर पूरे मामले की शिकायत दी। विधायक ने आरोप लगाया कि उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि जब एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है तो आम जनता के साथ क्या होता होगा।

शिकायत के बाद SSP ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ASI लखबीर सिंह को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद विधायक डिंपी ढिल्लों ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर भी घटना की जानकारी साझा की।

विधायक ने वीडियो में कहा कि ASI के पास पुलिस की ताकत थी, जबकि उनके पास विधायक होने की ताकत थी। उसने अपनी पावर का इस्तेमाल किया और उन्होंने अपनी पावर का इस्तेमाल किया। विधायक के इस बयान के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।